देश की खबरें | छात्र संगठन ने कश्मीरी छात्रों से सोशल मीडिया पर संवेदनशील सामग्री डालने से परहेज करने को कहा

देहरादून, 23 अप्रैल जम्मू-कश्मीर छात्र संघ ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले की बुधवार को कड़ी निंदा की और विभिन्न राज्यों में पढ़ाई कर रहे कश्मीरी छात्रों के लिए परामर्श जारी करते हुए उनसे राजनीतिक चर्चा में शामिल होने से या सोशल मीडिया मंचों पर संवेदनशील सामग्री डालने से परहेज करने को कहा क्योंकि ऐसी बातों की भड़काऊ प्रतिक्रिया हो सकती है या उन्हें नुकसान पहुंच सकता है।

एक बयान में संघ ने कहा कि निर्दोष नागरिकों की निर्मम हत्या मानवता का अपमान है।

संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष उमर जमाल ने कहा, “कोई भी कारण, कोई भी विचारधारा ऐसी बर्बरता को उचित नहीं ठहरा सकती। ... आतंक का कोई धर्म नहीं होता, कोई औचित्य नहीं होता - इसकी कड़ी निंदा की जानी चाहिए और इसका मुकाबला एकता, दृढ़ संकल्प और न्याय के साथ किया जाना चाहिए। इस त्रासदी ने हम सभी को झकझोर दिया है, और हम भी इस हृदय विदारक क्षति पर शोकाकुल हैं ।”

संघ के राष्ट्रीय संयोजक नासिर कहूहामी ने छात्रों से यह भी अपील की कि जब तक आवश्यक न हो वे बाहर न जाएं और सार्वजनिक सभाओं में जाने से बचें।

उन्होंने कहा, “हम सभी कश्मीरी छात्रों से शांति बनाए रखने और राजनीतिक बहसों या भड़काऊ सोशल मीडिया गतिविधियों से दूर रहने और अनावश्यक रूप से बाहर जाने से बचने की अपील करते हैं।”

कहूहामी ने कहा, “वर्तमान स्थिति अस्थिर है और यह और भी बिगड़ सकती है जिससे आपकी सुरक्षा को गंभीर खतरा हो सकता है।”

संकट में फंसे कश्मीर के छात्रों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए संघ ने कई हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं जिनमें 9149676014, 7006922829, 8825005327, 9906299199, 9602689622, 6006169477, 8082602445, 9149500623, 6006333584, 7028642004 शामिल हैं ।

जमाल ने कहा कि संघ ने आवश्यकता पड़ने पर कश्मीरी छात्रों को त्वरित सहायता प्रदान करने और स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय के लिए एक समर्पित प्रतिक्रिया टीम की स्थापना की है ।

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