नयी दिल्ली, 16 फरवरी कांग्रेस ने नयी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ में हुई मौतों के बारे में सरकार पर रविवार को सच्चाई छिपाने का आरोप लगाया और कहा कि इससे एक बार फिर रेलवे की ‘‘विफलता’’ और सरकार की ‘‘असंवेदनशीलता’’ उजागर हुई है।
नयी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार रात मची भगदड़ में 18 लोगों की मौत हो गई।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने घटना पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि मोदी सरकार मौतों के बारे में ‘‘सच्चाई छिपाने’’ का प्रयास कर रही है और यह बेहद शर्मनाक एवं निंदनीय है।
पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि महाकुंभ के लिए प्रयागराज जाने वाले श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए स्टेशन पर बेहतर व्यवस्था की जानी चाहिए थी।
गांधी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘यह घटना एक बार फिर रेलवे की विफलता और सरकार की असंवेदनशीलता को उजागर करती है। प्रयागराज जाने वाले श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए स्टेशन पर बेहतर व्यवस्था की जानी चाहिए थी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘सरकार और प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कुप्रबंधन और लापरवाही के कारण किसी को जान न गंवानी पड़े।’’
गांधी ने कहा कि भगदड़ में कई लोगों के जान गंवाने और घायल होने की खबर बेहद दुखद एवं परेशान करने वाली है।
उन्होंने कहा, ‘‘ मैं शोकसंतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।’’
वहीं, खरगे ने ‘एक्स’ पर अपने पोस्ट में कहा कि भगदड़ में कई लोगों के मरने की खबर बेहद दुखद है और सामने आए वीडियो बेहद हृदय विदारक हैं।
खरगे ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा, ‘‘नयी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई मौतों के बारे में सच्चाई छिपाने का नरेन्द्र मोदी सरकार का प्रयास बेहद शर्मनाक और निंदनीय है। हम मांग करते हैं कि मृतकों और घायलों की संख्या जल्द से जल्द घोषित की जाए तथा लापता लोगों की पहचान भी सुनिश्चित की जाए।’’
कांग्रेस के संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल ने कहा कि भगदड़ की घटना स्तब्ध कर देने वाली और अत्यंत दुखद है।
उन्होंने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘जो दृश्य सामने आए हैं वे डरावने हैं और एक बड़ी आपदा की ओर इशारा करते हैं। मैं मृतकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।’’
वेणुगोपाल ने आरोप लगाया, ‘‘केंद्र सरकार की प्रत्यक्ष निगरानी में राष्ट्रीय राजधानी में इस तरह की आपदा यह दर्शाती है कि सरकार पूरी तरह अक्षम है और केवल जनसंपर्क करने में सक्षम है, वास्तविक प्रबंधन में नहीं।’’
उन्होंने दावा किया कि सरकार ने एक बार फिर स्थिति को कमतर करके दिखाने की कोशिश की है और पूछा कि मृतकों तथा घायलों के सही आंकड़े कब पता चलेंगे।
वेणुगोपाल ने ‘एक्स’ पर अपने पोस्ट में कहा, ‘‘भीड़ नियंत्रण के उपाय क्यों नहीं किए गए? रेलवे ने विशेष रेलगाड़ियां क्यों नहीं चलाईं, जबकि उसे पता था कि महाकुंभ के मद्देनजर इतनी भीड़ आने वाली है?’’
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