देश की खबरें | पायलट समर्थक विधायक ने कहा, नेता मिलकर काम करेंगे तो फिर बनेगी कांग्रेस की सरकार

जयपुर, 17 अप्रैल कांग्रेस नेता सचिन पायलट के समर्थक एक विधायक ने सोमवार को कहा कि अगर पार्टी आलाकमान प्रदेश में मुख्‍यमंत्री अशोक गहलोत और पायलट को साथ लाता है तो पार्टी को राजस्थान में फिर से सरकार बनाने से कोई नहीं रोक सकता।

प्रदेश के मसूदा (अजमेर) से विधायक राकेश पारीक ने यहां संवाददाताओं से कहा, "राहुल गांधी और पार्टी आलाकमान ने गहलोत और पायलट दोनों को पार्टी की संपत्ति (एसेट) बताया है और मुझे उम्मीद है कि अगर पार्टी उन्हें साथ लाकर चुनाव लड़ती है, तो राज्य में कांग्रेस को एक बार फिर से विधानसभा चुनाव जीतने से कोई नहीं रोक सकता।"

उल्‍लेखनीय है क‍ि कांग्रेस ने अपने विधायकों के 'वन टू वन' संवाद सोमवार को यहां शुरू किया। पार्टी के नए कार्यालय (वार रूम) में प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा, मुख्‍यमंत्री अशोक गहलोत एवं पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा विधायकों से संवाद कर रहे हैं।

अपना 'फीडबैक' देने के बाद पारीक ने कहा, '(संवाद के) मुद्दे यही हैं क‍ि ऐसे कौन से कार्यक्रम चलाए जाएं जिससे कांग्रेस पार्टी सत्‍ता में वापस आ सके। मैंने खुलकर चर्चा की और चर्चा सार्थक रही। इससे महसूस होता है क‍ि आने वाले समय में हम लोग ज्‍यादा तेजी से कांग्रेस पार्टी के लिए काम कर पाएंगे और आने वाले चुनाव में कांग्रेस अच्‍छे बहुमत से जीत सकेगी।'

राज्‍य में इस साल के आखिर में विधानसभा चुनाव होने हैं।

पायलट के बारे में उन्‍होने कहा, 'पायलट साब और उनको हमारा राष्‍ट्रीय नेतृत्‍व भी 'एसेट' मानता है तो पायलट साब और ये सब नेता अगर मिलकर इन कामों को करेंगे तो कांग्रेस पार्टी का आने वाला राजनीत‍ि भविष्‍य बहुत अच्‍छा रहेगा।'

पारीक ने व‍िश्‍वास जताया क‍ि पार्टी आलाकमान द्वारा पायलट को जो भी ज‍िम्‍मेदारी दी जाएगी मुझे विश्‍वास है क‍ि वे उसे निभाएंगे।

विधायक हरीश मीणा ने कहा, 'इन्‍होंने आगामी विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी को कैसे मजबूत किया जाए इस बारे में सुझाव मांगे। मैंने अपने व्‍यक्तिगत अनुभव साझे किए। राज्‍य सरकार की योजनाओं के बारे में पूछा।'

उन्‍होंने कहा क‍ि इस पार्टी में गुटबाजी को लेकर कोई बात नहीं हुई। मीणा ने कहा, 'राज्‍य में सरकार को लेकर सकारात्‍मक माहौल है, सरकार की नीतियों का जनता को लाभ म‍िल रहा है और जनता इसे सराह रही है।'

विधायक प्रशांत बैरवा ने कहा, 'हमारी प्राथम‍िकता है क‍ि कि‍स तरह से सरकार दोबारा बने। व‍िधायकों से संवाद का यह फैसला बहुत अच्‍छा है।'

उन्‍होंने कहा, 'क‍िस ने ढंग से काम क‍िया, क‍िस ने क‍िया इसकी रिपोर्ट‍िंग होनी चाहिए। अगर मैंने भी अच्‍छा काम नहीं कि‍या तो मेरा भी‍ टिकट काट देना चाहिए।'

केकड़ी (अजमेर) विधायक एवं पूर्व स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने भी अपना 'फीडबैक' इन नेताओं के सामने रखा।

पार्टी सूत्रों के अनुसार इस संवाद कार्यक्रम के पहले दिन सोमवार को अजमेर व जोधपुर संभाग के अजमेर, टोंक, नागौर, भीलवाड़ा, जोधपुर, जैसलमेर, बाड़मेर के विधायकों से संवाद होगा।

उन्होंने बताया कि अगले दिन मंगलवार को उदयपुर, कोटा और भरतपुर संभाग के विधायकों से जबकि 20 अप्रैल को बीकानेर और जयपुर संभाग के विधायकों से संवाद किया जाएगा।

सूत्रों ने बताया कि वहीं बुधवार को एक दिवसीय कार्यशाला रखी गई है जिसमें पार्टी के विधायक, सांसद सहित तमाम पदाधिकारी भाग लेंगे।

प्रदेश की 200 सीटों वाली विधानसभा में कांग्रेस के इस समय 108 विधायक हैं जबकि कई निर्दलीय तथा अन्य दलों के विधायक पार्टी का समर्थन कर रहे हैं।

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