नयी दिल्ली, 15 अगस्त प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को देशवासियों को आंतरिक और बाहरी चुनौतियों तथा सब कुछ ‘तबाह’ करने का सपना देखने वालों से आगाह करते हुए कहा कि देश को इन सबसे अपनी रक्षा करनी होगी।
लाल किले की प्राचीर से स्वतंत्रता दिवस पर अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि देश आगे बढ़ रहा है लेकिन कुछ लोग होते हैं जो इसकी प्रगति नहीं देख सकते हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे लोग कभी भारत का भला नहीं सोच सकते और जब तक उनका खुद का भला न हो, तब तक उनको किसी का भला अच्छा नहीं लगता।
मोदी ने कहा कि मुट्ठी भर लोग इस तरह की विकृति पाले हुए हैं जो सब कुछ नष्ट करने का कारण बन सकते हैं और अराजकता की राह अपना लेते हैं।
उन्होंने कहा कि तब देश को इतनी बड़ी हानि हो जाती है जिसकी भरपाई करने में राष्ट्र को नए सिरे से मेहनत करनी पड़ती है।
उन्होंने कहा, ‘‘वे सब कुछ नष्ट करने का सपना देख रहे हैं। देश को यह समझना होगा।’’
इस दौरान प्रधानमंत्री ने किसी घटना विशेष का सीधा जिक्र नहीं किया। हालांकि, उनकी टिप्पणी हिंडनबर्ग रिसर्च की हालिया रिपोर्ट को विपक्षी दलों द्वारा मुद्दा बनाए जाने की पृष्ठभूमि में आई है।
हिंडनबर्ग रिसर्च ने आरोप लगाया है कि उसे संदेह है कि अदाणी समूह के खिलाफ कार्रवाई करने में भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) की अनिच्छा का कारण यह हो सकता है कि इसकी अध्यक्ष माधवी बुच की अदाणी समूह से जुड़े विदेशी फंडों में हिस्सेदारी थी।
अमेरिकी कंपनी ने आरोप लगाया कि बुच और उनके पति धवल ने एक फंड में निवेश किया था जिसका कथित तौर पर गौतम अदाणी के बड़े भाई विनोद अदाणी द्वारा इस्तेमाल किया जा रहा था।
वहीं सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने विपक्ष, खासकर कांग्रेस पर आरोप लगाया है कि वह मोदी से नफरत के कारण आर्थिक अराजकता फैलाने के लिए अमेरिका की शॉर्ट सेलर कंपनी के साथ हाथ मिला रही है।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार अपने अच्छे इरादों, ईमानदारी और राष्ट्र के प्रति समर्पण से उन लोगों का दिल जीत सकती है जो भारत के हितों के प्रति विरोधी हैं। उन्होंने लोगों को आश्वासन दिया कि उनकी सरकार देश के विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता से कभी पीछे नहीं हटेगी।
देश को ‘बाहरी चुनौतियों’ के खतरों से आगाह करते हुए मोदी ने कहा कि जैसे-जैसे भारत ताकतवर बनेगा, उसकी चुनौतियां और बढ़ेंगी।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं ऐसी शक्तियों को कहना चाहता हूं कि भारत का विकास किसी के लिए संकट लेकर नहीं आता। जब हम विश्व में समृद्ध थे, तब भी हमने विश्व को कभी युद्ध में नहीं झोंका। हम बुद्ध का देश हैं, युद्ध हमारी राह नहीं है।’’
ब्रजेन्द्र
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