विदेश की खबरें | बाइबिल और तौरेत जलाने की बात कहने वाले व्यक्ति ने बदला इरादा, कुरान जलाने का किया विरोध
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

प्रदर्शन स्थल पर उस व्यक्ति ने कहा कि वह एक मुसलमान है। उसने हाथ में थामे लाइटर को जमीन पर फेंक दिया और कहा कि वह कभी भी पवित्र ग्रंथ नहीं जलाना चाहता था।

स्वीडन की समाचार एजेंसी ‘टीटी’ के अनुसार व्यक्ति की उम्र लगभग 30 वर्ष है और स्टॉकहोम पुलिस ने उसे विरोध प्रदर्शन की अनुमति दी थी। व्यक्ति ने कहा कि ऐसी कोई भी हरकत मुसलमानों के पवित्र ग्रंथ कुरान के खिलाफ होगी। उसने कहा कि वह तौरेत और बाइबिल नहीं जलाएगा।

खबर के अनुसार पश्चिम स्वीडन में रहने वाले इस व्यक्ति ने यह भी कहा कि “किसी को भी ऐसा नहीं करना चाहिए।”

इजराइल के अधिकारियों ने स्वीडन सरकार से शनिवार दोपहर को व्यक्ति को राजनयिक मिशन के बाहर विरोध प्रदर्शन करने और पवित्र पुस्तकों को जलाने से रोकने का आह्वान किया था।

इजराइल के राष्ट्रपति इस्हाक हर्जोग, विश्व यहूदी कांग्रेस, इजरायली विदेश मंत्री एली कोहेन और इजरायल के प्रमुख रब्बी (आध्यात्मिक गुरु) यित्ज़ाक योसेफ ने भी इस कार्रवाई की निंदा की।

‘टाइम्स ऑफ इजराइल’ ने बताया कि वह व्यक्ति शनिवार दोपहर कुरान की एक प्रति लेकर इजराइली राजनयिक मिशन के बाहर पहुंचा और कहा कि यहूदी या ईसाई पवित्र ग्रंथों को जलाने का उसका कभी इरादा नहीं था। वह केवल हाल में कुरान को जलाने का विरोध करना चाहता था।

स्वीडन के सार्वजनिक प्रसारक ‘एसवीटी’ ने कहा कि उस व्यक्ति ने अपने हाथ में पकड़े लाइटर को जमीन पर फेंक दिया और कहा कि उसे इसकी जरूरत नहीं है।

एसटीवी की खबर के अनुसार उस व्यक्ति ने कहा, “मैं एक मुसलमान हूं, हम (ग्रंथ) नहीं जलाते। मैं यह दिखाना चाहता हूं कि हमें एक-दूसरे का सम्मान करना चाहिए।''

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