असम में 147 नये मामलों के साथ कोरोना वायरस से संक्रमितों की संख्या 500 के पार पहुंची
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गुवाहाटी, 25 मई असम में सोमवार को एक दिन में कोविड-19 के सर्वाधिक 147 नये मरीज सामने आने के साथ ही राज्य में इस महामारी के मामले 500 के पार पहुंच गये। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री हेमंत बिस्व सरमा ने यह जानकारी दी।

सरमा ने अपने ट्वीट में बताया कि इन नये मामलों के साथ ही राज्य में कोरोना वायरस से संक्रमण के मामले बढ़कर 539 हो गये तथा उनमें से 470 मरीजों का उपचार चल रहा है।

उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘सावधान, कोविड-19 के 13 नये मामलों की पुष्टि। नमूने लोगों को पृथक-वास में भेजने से पहले लिए गए थे जिनमें से कामरूप मेट्रो के सात और गोलाघाट के छह लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है।’’

इससे पहले दिन में सरमा ने कई ट्वीट कर बताया कि राज्य के विभिन्न जिलों में कोरोना वायरस से संक्रमण के 134 मामले सामने आए हैं जिनमें से सबसे अधिक 53 मामले गोलाघाट जिले में आए हैं।

उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘करीमगंज से 21, लखीमपुर में 17, गुवाहाटी से आठ, कोकराझार में छह, कछार और शिवसागर में पांच-पांच, धेमाजी और हैलाकांडी से चार-चार, दक्षिण सलमारा मनकछार से तीन, तिनसुकिया और नलबाड़ी में दो-दो, नौगांव, मोरीगांव, गोवालपाड़ा और जोरहाट से एक-एक नये मरीज सामने आए हैं।’’

उन्होंने बताया कि दूसरी तरफ पांच मरीज स्वस्थ हुए और राज्य के विभिन्न अस्पतालों से उन्हें छुट्टी दी गई है जिनमें तीन गुवाहटी और दो जोरहाट के हैं।

सरमा ने कहा कि बाहर से लौटे लोगों में ज्यादातर कोरोना वायरस संक्रमित पाये गये हैं।

सरमा ने कहा, ‘‘यह स्पष्ट किया जाता है सभी नमूने उन लोगों से लिए गए जो बाहर से आए थे और उन्हें पृथक-वास केंद्रों में भेजा गया था। असम में कोविड-19 के अधिकतर मरीज बाहर से आए हैं न कि स्थानीय स्तर पर संक्रमित हुए हैं।’’

उन्होंने बताया कि कुल 539 मामलों में चार मरीजों की मौत हो गयी जबकि 62 स्वस्थ हो गये। इसके अलावा तीन मरीज राज्य से बाहर चले गये हैं।

लॉकडाउन के दौरान अंतर-राज्यीय सड़क यातायात सेवा और रेल मार्ग सेवा शुरू होने के बाद यहां कोविड-19 के मामले बढ़े हैं।

दो महीने तक देश में यात्री विमान सेवा बंद रहने के बाद दोबारा इसके खुलने पर अधिकारियों को आशंका है कि मामले और भी तेजी से बढ़ सकते हैं।

राज्य में लौटने वाले सभी लोगों की जांच के लिए प्रशासन ने पांच क्षेत्रीय जांच शिविर शुरू किए हैं और इसी तरह की सुविधा पहले से ही जिला मुख्यालयों और स्थानीय स्तर पर उपलब्ध है।

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