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देश की खबरें | एनजीटी ने नदी प्रवाह में बाधा बने नमक के गड्ढों व बोरवेल के सर्वेक्षण के लिए समिति गठित की

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देश की खबरें | एनजीटी ने नदी प्रवाह में बाधा बने नमक के गड्ढों व बोरवेल के सर्वेक्षण के लिए समिति गठित की

अहमदाबाद, 12 फरवरी राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने एक समिति गठित की है और उसे सर्वेक्षण करने और उन अतिक्रमणकारियों की पहचान करने का निर्देश दिया है जिनके अवैध रूप से नमक के गड्ढे और बोरवेल खोदने से गुजरात के कच्छ के रण में लूनी नदी के प्राकृतिक प्रवाह को नुकसान पहुंचा है।

एनजीटी की पुणे स्थित पश्चिमी संभाग की पीठ ने 5 फरवरी को जारी अपने आदेश में जल शक्ति मंत्रालय, केंद्रीय भूजल बोर्ड, गुजरात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (जीपीसीबी) और केंद्र तथा राज्य सरकारों सहित अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया है।

पीठ में न्यायमूर्ति दिनेश कुमार सिंह और विशेषज्ञ सदस्य डॉ. विजय कुलकर्णी शामिल हैं। अधिकरण ने जीपीसीबी, कच्छ के जिलाधिकारी, केंद्रीय भूजल प्राधिकरण/बोर्ड के एक-एक सदस्य वाली समिति का गठन किया और उसे संबंधित स्थल का दौरा करने और नदी के प्राकृतिक प्रवाह में कथित रूप से बाधा पैदा करने वाले व्यक्तियों के बारे में पता लगाने का निर्देश दिया।

इसने समिति को एक महीने की अवधि के भीतर इसकी नोडल एजेंसी जीपीसीबी के माध्यम से एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।

अपनी याचिका में आवेदक कन्हैयालाल राजगोर ने अधिकरण से यह अनुरोध किया था कि वह प्रतिवादी अधिकारियों को अवैध नमक गड्ढों और बोरवेल के माध्यम से ‘कच्छ के महान रण’ (जीआरके) और ‘लिटिल रण ऑफ कच्छ’ (एलआरके) में किये गए सभी अवैध अतिक्रमणों को हटाने के लिए कार्रवाई करने का निर्देश दें जिनसे लूनी नदी के प्राकृतिक जल का प्रवाह बाधित हो गया है।

आवेदक ने दावा किया कि जीआरके में लगभग 200 फुट गहरे खोदे गए अवैध नमक के गड्ढे और बोरवेल (विशेष रूप से लूनी नदी की तलहटी में) मिट्टी के तटबंधों के कारण नदी के प्राकृतिक प्रवाह में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं।

अधिकरण ने कहा कि ये अवरोधक 15 फुट तक ऊंचे हैं और पानी को एलआरके तक पहुंचने से रोकते हैं, जो गंभीर रूप से संकटग्रस्त वन्य जीवों का अभयारण्य है।

अधिकरण इस मामले की अगली सुनवाई 28 मार्च को करेगा।

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(The above story first appeared on LatestLY on Feb 12, 2025 04:58 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).