लखनऊ, 28 फरवरी उत्तर प्रदेश विधानसभा में शुक्रवार को बेरोजगारी और आउटसोर्सिंग के जरिये नौकरी देने के मामले को लेकर सरकार के जवाब से असंतुष्ट होकर राज्य के मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) के सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन किया।
विधानसभा में शुक्रवार को प्रश्नकाल के बाद नियम-56 (सदन की कार्यवाही रोककर चर्चा कराने की मांग) के तहत सपा सदस्यों ने बेरोजगारी के मामले पर चर्चा की मांग की।
सपा सदस्य इंजीनियर सचिन यादव ने ग्राह़यता पर बल देते हुए कहा कि उप्र की 24 करोड़ जनता में 15 से 29 वर्ष के बीच के सात करोड़ युवा नौकरी के लिए प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने सरकार पर युवाओं की उपेक्षा करने का आरोप लगाया।
ग्राह़यता पर बल देते हुए सपा के वरिष्ठ सदस्य कमाल अख्तर ने कहा कि सरकार आउटसोर्सिंग के तहत नौकरी देकर आरक्षण खत्म करने में लगी है। उन्होंने कहा कि सरकार इसीलिए सरकारी नौकरी नहीं देना चाहती है। सपा सदस्य पूजा सरोज ने आरोप लगाया कि सरकार बेरोजगारों का सही आंकड़ा नहीं दे रही है।
सदस्यों का जवाब देते हुए श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि बेरोजगारी की समस्या एक बड़ी चुनौती है और उप्र की सरकार ने चुनौती को उतनी ही संवेदनशीलता के साथ स्वीकार किया है। उन्होंने कहा कि 2017 से लेकर आज तक सरकार ने जो प्रयास किये हैं, उन प्रयासों का ही असर है कि उप्र की बेरोजगारी दर कम है।
राजभर ने कहा कि जो आंकड़े हम प्रस्तुत करते वह भारत सरकार के आंकड़े हैं और इसलिए मैं सम्मानित सदन के साथ साथ उप्र की जनता को बताना चाहता हूं कि सरकार ने बेरोजगारी की समस्या के समाधान का निरंतर प्रयास किया है।
श्रम मंत्री ने बताया कि 2018-19 में संपूर्ण भारत में बेरोजगारी दर 5.8 प्रतिशत थी और उप्र का सात प्रतिशत था। 2019-20 में भारत की दर 4.8 और उप्र की बेरोजगारी दर 4.5 प्रतिशत थी। 2020-21 में देश में बेरोजगारी दर 4.2 प्रतिशत और उप्र की 4.2 प्रतिशत थी। 2021-22 में देश की दर 4.1 प्रतिशत और उप्र की 2.9 प्रतिशत बेरोजगारी दर थी।
2022-23 में पूरे देश की बेरोजगारी दर 3.2 प्रतिशत और उप्र की 2.4 प्रतिशत थी। वर्तमान में देश की बेरोजगारी दर 3.2 प्रतिशत है और उप्र का बेरोजगारी दर तीन प्रतिशत है। यह भारत सरकार का आंकड़ा है।
समाजवादी पार्टी के सदस्य राजभर के जवाब से संतुष्ट नहीं हुए और नारेबाजी करते हुए सदन से बहिर्गमन कर दिए। इस बीच विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कार्यस्थगन के प्रस्ताव को अग्राहय कर दिया।
सपा सदस्यों पर तंज कसते हुए संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि “आइना पहले देखा करो, फिर दिखाया करो।”
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