देश की खबरें | उपराज्यपाल ले रहे हैं दिल्ली सरकार के कामों का श्रेय: आप

नयी दिल्ली, 18 जून आम आदमी पार्टी (आप) ने रविवार को दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना पर केजरीवाल सरकार द्वारा किए गए कार्यों का श्रेय लेने का आरोप लगाया और आरके पुरम इलाके में दो बहनों की हत्या को लेकर कानून-व्यवस्था बनाए रखने में उनकी विफलता पर सवाल उठाया।

आरोपों पर उपराज्यपाल कार्यालय की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

‘आप’ की मुख्य प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए हाल की एक रिपोर्ट का हवाला दिया जिसमें कहा गया था कि दिल्ली में हर दो दिन में एक हत्या होती है।

उनका बयान रविवार सुबह दक्षिण पश्चिमी दिल्ली के आर के पुरम इलाके में सशस्त्र हमलावरों द्वारा दो महिलाओं की हत्या किए जाने के संदर्भ में था।

दिल्ली पुलिस ने घटना के कुछ घंटों के अंदर मुख्य आरोपी और उसके साथियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है।

कक्कड़ ने कहा, “हम इन हथियारों के स्रोत पर सवाल उठाते हैं और यह पूछते हैं कि दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने इस बढ़ती हिंसा पर आंख क्यों मूंद रखी हैं। हमने उपराज्यपाल के साथ संवाद करने की बार-बार कोशिश की लेकिन जवाब मौन रहकर और निष्क्रियता से दिया गया है।”

उन्होंने कहा, “ वह (राज्यपाल) श्रेय चोरी करने और दिल्ली सरकार की उपलब्धियों को कम करने में लगे हुए हैं।”

कक्कड़ ने कहा कि उपराज्यपाल लोक व्यवस्था और सुरक्षा के लिए निर्विवाद रूप से जिम्मेदार हैं, लेकिन इस बाबत उनकी जवाबदेही का अभाव चिंताजनक है।

जवाबदेही की जरूरत पर जोर देते हुए, उन्होंने जनता और मीडिया से "राजधानी में कानून-व्यवस्था को बनाए रखने में उपराज्यपाल की विफलता पर सवाल उठाने की अपील की, क्योंकि यह “उपराज्यपाल और गृह मंत्रालय के अधीन आती है।"

उन्होंने पूछा, “दिल्ली में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और विनय कुमार सक्सेना ने अब तक क्या ठोस कदम उठाए हैं?"

कक्कड़ ने आरोप लगाया कि ‘आप’ को दिल्ली को सुरक्षित बनाने के अपने प्रयास में बाधा का सामना करना पड़ा है।

‘आप’ नेता ने कहा, “ 2015 में, हमारे (दिल्ली सरकार के) पास जवाबदेही के लिए आयुक्त को बुलाने का अधिकार था। हालांकि, केंद्र ने समिति को भंग कर दिया और हमें इस महत्वपूर्ण शक्ति से वंचित कर दिया। महिला सुरक्षा जैसे बुनियादी मुद्दों पर, हमें पर्याप्त स्ट्रीट लाइट और सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए विरोध प्रदर्शन करना पड़ा।”

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को कहा कि दिल्ली में कानून-व्यवस्था अगर उपराज्यपाल के बजाय आप की सरकार के अधीन होती, तो राष्ट्रीय राजधानी सुरक्षित होती।

कक्कड़ ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मंत्रियों से यह स्वीकार करने को कहा कि उन्हें अरविंद केजरीवाल से सीखने की जरूरत है।

उन्होंने कहा, “ हमने पंजाब जैसे संवेदनशील राज्यों में भी प्रभावी ढंग से शासन करने की अपनी क्षमता साबित की है। हम मणिपुर में संकट से निपटने और दिल्ली में कानून व्यवस्था की स्थिति में सुधार करने के बारे में अपनी विशेषज्ञता साझा करने के इच्छुक हैं।”

बाद में, एक संवाददाता सम्मेलन में ‘आप’ के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने अपराध की विभिन्न घटनाओं का जिक्र किया जिसमें कंझावला ‘हिट एंड ड्रैग’ कांड और श्रद्धा वालकर जघन्य हत्याकांड शामिल हैं।

कंझावला मामले में एक कार ने एक महिला को करीब 11 किलोमीटर तक घसीटा था जिससे उसकी मौत हो गई थी।

सिंह ने कहा, “ दिल्ली की कानून व्यवस्था प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हाथों में है। उन्होंने सरकार से झगड़ने वाले झगड़ालू उपराज्यपाल को नियुक्त किया है। क्या केजरीवाल जी दिल्ली के (पुलिस) आयुक्त, डीसीपी, एसएचओ के खिलाफ कार्रवाई कर सकते हैं और उन्हें निलंबित कर सकते हैं?"

सिंह ने कहा कि केजरीवाल का काम सीसीटीवी लगाना था, जो उन्होंने किया है।

सांसद ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी की भतीजी का पर्स छीनने वाले अपराधी सीसीटीवी फुटेज की वजह से पकड़े गए। केजरीवाल सरकार जो काम कर रही है, वो बेहतरीन तरीके से कर रही है।’’

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