आतंकवादियों की ऐशगाहों को खत्म करना ही अफगानिस्तान में स्थायी शांति की कुंजी : भारत
जमात

नयी दिल्ली, सात मई ट्रंप प्रशासन और तालिबान के बीच फरवरी में हुए समझौते के मद्देनजर अफगानिस्तान में तेजी से बदलते राजनीतिक परिदृश्य को लेकर अफगानिस्तान शांति प्रक्रिया के लिये अमेरिका के विशेष प्रतिनिधि जलमी खलीलजाद ने बृहस्पतिवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल से बातचीत की ।

भारत ने कहा कि अफगानिस्तान में स्थायी शांति सुनिश्चित करने और स्थिरता के लिये आतंकवादी की ऐशगाहों को खत्म करना जरूरी है ।

खलीलजाद भारत, कतर और पाकिस्तान के दौरे के तहत दिल्ली आये हैं ।

उनके साथ अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद में सीनियर निदेशक लीसा कुर्टिस और भारत में अमेरिका के राजदूत केन जस्टर भी बातचीत में शामिल थे ।

विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा ,‘‘अमेरिकी पक्ष ने अफगानिस्तान में आर्थिक विकास , पुनर्निमाण और मानवीय सहायता को लेकर भारत के ठोस योगदान को माना । उन्होंने अफगानिस्तान में स्थायी शांति, सुरक्षा और स्थिरता के लिये भारत की अहम और सतत भूमिका के महत्व पर जोर दिया ।’’

कोरोना वायरस महामारी के बीच देशव्यापी लॉकडाउन को देखते हुए खलीलजाद का यह दौरा काफी महत्वपूर्ण है ।

बयान में कहा गया कि जयशंकर और डोभाल दोनों ने दोहरा कि भारत अफगान समाज में शांति, सुरक्षा, एकता और लोकतांत्रिक नीति को मजबूत करने के लिये सहयोग देता रहेगा । इस अफगान समाज में अफगान हिंदू और सिख भी शामिल हैं ।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, लेटेस्टली स्टाफ ने इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया है)