इंफाल, 21 जुलाई मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बिरेन सिंह ने शुक्रवार को कहा कि राज्य के लोग महिलाओं का सम्मान करते हैं और उन्हें ‘माता के समान’ मानते हैं, लेकिन जिन उपद्रवियों ने मई में आदिवासी महिलाओं पर हमला कर उन्हें निर्वस्त्र किया, उन्होंने राज्य की ‘छवि को धूमिल’ किया है।
दो आदिवासी महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाने और छेड़छाड़ का यह वीडियो बुधवार को सामने आया था जिसकी देशभर में निंदा की गई। इस मामले में चार आरोपियों को बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किया गया।
सिंह ने कहा, ‘‘ मणिपुर के लोग महिलाओं को माता के समान मानते हैं, लेकिन कुछ बदमाशों ने यह हरकत की तथा हमारी छवि को धूमिल किया। हमने इस घटना की निंदा करने के लिए राज्यभर में घाटी एवं पहाड़ी दोनों ही क्षेत्रों में प्रदर्शन शुरू किए हैं ।’’
उन्होंने कहा कि लोग मांग कर रहे हैं कि अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।
उन्होंने बृहस्पतिवार को कहा था कि वह सुनिश्चित करेंगे कि सभी गुनाहगारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो, यहां तक कि सरकार मृत्युदंड की संभावना पर भी विचार कर रही है।
मणिपुर मई की शुरुआत से ही जातीय संघर्ष की चपेट में है।तीन मई को यह जातीय हिंसा शुरू हुई थी जिसमें 160 से अधिक लोगों की जान चली गयी जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। तीन मई को मेइती समुदाय की अनुसूचित जनजाति दर्जे की मांग के खिलाफ पर्वतीय जिलों में ‘ट्राइबल सोलिडरिटी मार्च’ का आयोजन किया गया था।
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