नयी दिल्ली, 22 अगस्त देश भर में शनिवार को गणेश चतुर्थी का पर्व मनाया गया लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण इस उत्सव की रौनक कुछ फीकी रही। बहरहाल, इस गणेश उत्सव में तकनीक श्रद्धालुओं और पंडालों के लिए बड़ा सहारा बन कर उभरी और श्रद्धालुओं ने दस दिवसीय उत्सव में गणपति के ऑनलाइन दर्शन किए।
नयी दिल्ली में गणेशोत्सव पर कोरोना वायरस का असर साफ नजर आया और अधिकतर लोगों ने अपने घरों में ही, विघ्नहर्ता की पूजा की।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएं दीं।
महाराष्ट्र में गणेशोत्सव की धूम देखते ही बनती है। लेकिन इस बार कोविड-19 महामारी और लोगों के आवागमन पर जारी प्रतिबंधों के बीच राज्य के विभिन्न हिस्सों में दस दिवसीय गणेश चतुर्थी उत्सव की शुरूआत हुयी।
राज्य सरकार ने गणेशोत्सव के संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर कहा है कि भगवान गणेश की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा और इसके विसर्जन से पहले किसी प्रकार का जुलूस नहीं निकाला जाना चाहिये।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने घर पर ही गणपति की पूजा करने के बाद कहा कि लोगों को भगवान गणेश का स्वागत करते समय मास्क पहनने और भीड़ से बचने की अपनी सामाजिक जिम्मेदारी को नहीं भूलना चाहिए।
मध्यप्रदेश में कोरोना वायरस महामारी के चलते सार्वजनिक गणेश पंडाल लगाने पर रोक लगी है। फलस्वरूप शनिवार को यहां बुरहानपुर जिले में ऐतिहासिक तिलक हॉल में गणेश उत्सव मनाने की 103 साल पुरानी परम्परा पर संकट उत्पन्न हो गया।
वर्ष 1917 में महान क्रांतिकारी नेता बाल गंगाधर तिलक ने महाराष्ट्र की सीमा से लगे इस जिले का दौरा किया था और गणेश उत्सव की परंपरा की शुरुआत की थी।
महाराष्ट्रीयन ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष और अधिवक्ता अरुण शेंडे ने गणेश चतुर्थी के अवसर पर पीटीआई- को बताया कि एक सदी से भी अधिक समय से शहर के तिलक हॉल में मनाया जाने वाले गणेश उत्सव महामारी की वजह से इस बार नहीं हो पा रहा है।
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