देश की खबरें | नई शिक्षा नीति का लक्ष्य शिक्षा व्यवस्था शिक्षा के प्रयोजन, विषय-वस्तु में परिवर्तन करना है : मोदी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 का लक्ष्य रोजगार मांगने वालों की जगह रोजगार देने वालों को तैयार करना और देश की शिक्षा प्रणाली के प्रयोजन तथा विषय-वस्तु में परिवर्तन का प्रयास करना है।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, एक अगस्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 का लक्ष्य रोजगार मांगने वालों की जगह रोजगार देने वालों को तैयार करना और देश की शिक्षा प्रणाली के प्रयोजन तथा विषय-वस्तु में परिवर्तन का प्रयास करना है।

चौथे ‘स्मार्ट इंडिया हैकाथन’ के फिनाले को संबोधित कर रहे मोदी ने कहा कि इस सप्ताह के शुरु में घोषित नई शिक्षा नीति-2020 में अंतर-विषय अध्ययन पर जोर दिया गया है, जो यह सुनिश्चित करेगा कि छात्र जो सीखना चाहता है पूरा ध्यान उसी पर हो।

यह भी पढ़े | Coronavirus: महाराष्ट्र में आज COVID-19 के 9,601 नए मामले सामने आए, 322 की मौत, कुल संख्या 4,31,719 हुई.

मोदी ने कहा, ‘‘यह सिर्फ एक नीतिगत दस्तावेज नहीं है बल्कि 130 करोड़ से अधिक भारतीयों की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब है। आप भी अपने आसपास देखते होंगे, आज भी अनेक बच्चों को लगता है कि उनको एक ऐसे विषय के आधार पर जज किया जाता है, जिसमें उनकी दिलचस्पी ही नहीं है..... माता-पिता का, रिश्तेदारों का, दोस्तों का दबाव होता है तो वे दूसरों द्वारा चुने गए विषय पढ़ने लगते हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इस प्रवृत्ति ने देश को एक बहुत बड़ी आबादी ऐसी दी है, जो पढ़ी-लिखी तो है, लेकिन जो उसने पढ़ा है उसमें से अधिकतर, उसके काम नहीं आता... डिग्रियों के अंबार के बाद भी वह अपने आप में एक अधूरापन महसूस करती है। नई शिक्षा नीति के माध्यम से इसी अप्रोच को बदलने का प्रयास किया जा रहा है, पहले की कमियों को दूर किया जा रहा है। भारत की शिक्षा व्यवस्था में अब एक व्यवस्थित सुधार, शिक्षा के प्रयोजन और विषय-वस्तु दोनों में परिवर्तन करने का प्रयास है।’’

यह भी पढ़े | Ayodhya Ram Mandir: भूमि पूजन से पहले ऐसे सज रही है राम नगरी अयोध्या, तस्वीरों और वीडियो में देखे मनमोहक नजारा.

प्रधानमंत्री ने कहा कि नई शिक्षा नीति-2020 हमारे देश के 21वीं सदी के युवाओं की सोच, उनकी जरुरतों, उनकी आशाओं-अपेक्षाओं और आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है।

छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘21वीं सदी ज्ञान का काम है। यह सीखने, अनुसंधान और नवोन्मेष पर ध्यान देने का समय है। भारत की नयी शिक्षा नीति, 2020 यही करती है। हम भारत में शिक्षा की गुणवत्ता पर ध्यान दे रहे हैं। हमारा प्रयास अपनी शिक्षा प्रणाली को हमारे छात्रों के लिए सबसे आधुनिक और बेहतर बनाने का है।’’

मोदी ने कहा, ‘‘नई नीति उस भाव के बारे में है जो दिखाता है कि हम स्कूली बस्तों के बोझ से बाहर निकल रहे हैं, जिनकी स्कूल के बाहर कोई जरुरत नहीं पड़ती, हम सीखने की उस प्रक्रिया की तरफ बढ़ रहे हैं जो जीवन में मददगार हो, सिर्फ रटने की जगह तर्कपूर्ण तरीके से सोचना सीख रहे हैं। गरीबों को बेहतर जीवन देने के लिए जीवन की सुगमता का लक्ष्य हासिल करने में युवा वर्ग की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है।’’

केन्द्रीय कैबिनेट ने इस सप्ताह की शुरुआत में नई शिक्षा नीति-2020 की घोषणा कर देश की 34 साल पुरानी, 1986 में बनी शिक्षा नीति को बदल दिया। नई नीति का लक्ष्य भारत के स्कूलों और उच्च शिक्षा प्रणाली में इस तरह के सुधार करना है कि हमारा देश दुनिया में ज्ञान का ‘सुपरपॉवर’ कहलाए।

शिक्षा नीति के तहत पांचवी कक्षा तक के बच्चों की पढ़ाई उनकी मातृ या क्षेत्रीय में होगी, बोर्ड परीक्षाओं के महत्व को इसमें कुछ कम किया गया है, विधि और मेडिकल कॉलेजों के अलावा अन्य सभी विषयों की उच्च शिक्षा के एक एकल नियामक का प्रावधान है, साथ ही विश्वविद्यालयों में दाखिले के लिए समान प्रवेश परीक्षा की बात कही गई है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\