विदेश की खबरें | हवाई में जंगल में लगी आग से हुए समूचे नुकसान की अभी जानकारी नहीं है
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

श्वान दस्ते के साथ बचाव दल राख में तब्दील हो चुके इलाकों और जली हुई कारों तथा घरों की तलाशी ले रहे हैं, ताकि मृतकों का पता चल सके। अमेरिका के एक सदी से अधिक के इतिहास की सबसे भीषण दावाग्नि की घटना में जान गंवाने वालों की संख्या 96 हो गई है।

माउई कांउटी ने रविवार देर रात बताया कि दो स्थानों पर लगी आग पर पूरी तरह से काबू नहीं पाया जा सका है, जिनमें ऐतिहासिक शहर लहैना को तबाह करने वाली आग शामिल है।

भले ही आग की तीव्रता कम हुई है, लेकिन अधिकारियों ने आग से निकले जहरीले धुएं की वजह से पेयजल समेत विभिन्न चीजों के विषाक्त होने की चेतावनी दी है। इस बीच, कई लोगों के पास अब रहने के लिए घर नहीं बचे हैं और प्रशासन उनके लिए होटल और अन्य स्थानों पर व्यवस्था कर रहा है।

सदियों पुराने शहर लहैना में मंगलवार को आग लगने की घटना शुरू हुई थी और शहर की करीब-करीब हर इमारत तबाह हो चुकी है। काउंटी के मुताबिक, आग पर 85 फीसदी तक काबू पा लिया गया है, जबकि देहात के इलाके में लगी आग को 60 प्रतिशत तक नियंत्रित किया गया है।

प्रांत के गवर्नर जोश ग्रीन ने कहा कि वहां कुछ ही चीज़ें बची हैं।

माउई के पुलिस प्रमुख जॉन पेलेटियर ने शनिवार को कहा था कि बचाव एवं खोज दल अभी तक सिर्फ तीन प्रतिशत इलाके में ही तलाशी अभियान चला पाया है।

ग्रीन ने कहा कि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा है कि विस्थापित स्थानीय लोगों के लिए होटलों के 500 कमरे उपलब्ध कराये गये हैं। इसके अलावा, संघीय आपातकालीन प्रबंधन एजेंसी के कार्मचारियों के लिए 500 अतिरिक्त कमरे आवंटित किये गये हैं।

इससे पहले, उत्तरी कैलिफोर्निया में बट काउंटी के जंगलों में 2018 में लगी आग में 85 लोगों की मौत हुई थी। इस घटना को ‘कैम्प फायर’ नाम से जाना जाता है।

इससे पूर्व, 1918 में मिनेसोटा के कार्लटन काउंटी के वनों में लगी आग में हजारों घर जलकर राख हो गए थे और सैकड़ों लोगों की मौत हो गई थी। इसे ‘क्लोक्वेट फायर’ के तौर पर जाना जाता है।

एपी

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)