नयी दिल्ली, 30 अगस्त वित्त मंत्रालय ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) के पहली तिमाही के प्रदर्शन की मंगलवार को समीक्षा करने के साथ ही उन्हें अर्थव्यवस्था के उत्पादक क्षेत्रों को कर्ज देने में तेजी दिखाने का भी निर्देश दिया।
मंत्रालय में वित्तीय सेवा विभाग के सचिव संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता में हुई इस समीक्षा बैठक में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों से अपनी गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए) में कमी लाने और वित्तीय समावेशन की मुहिम जारी रखने को भी कहा गया।
सूत्रों के मुताबिक, बैठक में शामिल हुए सभी सार्वजनिक बैंकों के प्रबंध निदेशकों एवं कार्यकारी निदेशकों को आगामी त्योहारी मौसम के दौरान ऋण वृद्धि पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया। अगले महीने से ही त्योहारी मौसम शुरू होने वाला है।
इस बैठक में विभिन्न सरकारी योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा भी की गई। किसान क्रेडिट कार्ड, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, स्टैंडअप इंडिया, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत बैंकों के प्रदर्शन का आकलन किया गया।
इसके अलावा पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य-पालन क्षेत्रों को कर्ज आवंटन के संदर्भ में भी बैंकों के प्रदर्शन को परखा गया।
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का प्रदर्शन अप्रैल-जून तिमाही में काफी अच्छा रहा है। इस तिमाही में सार्वजनिक क्षेत्र के सभी 12 बैंकों ने कुल 15,306 करोड़ रुपये का लाभ अर्जित किया जबकि एक साल पहले की समान तिमाही में यह आंकड़ा 14,013 करोड़ रुपये का था।
फंसे कर्जों की मात्रा में गिरावट आने और सकारात्मक कारोबार विस्तार से इन बैंकों के बहीखाते में आने वाले समय में और सुधार होने की उम्मीद है।
प्रेम
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