राज्य के जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड के अंतर्गत जबला गांव के ग्रामीणों ने बताया कि गांव निवासी सावित्री बाई :27 वर्ष: को 31 अगस्त को प्रसव पीड़ा हुई तब उसके परिजन उसे अस्पताल ले जाने की कोशिश करने लगे। लेकिन गांव तक किसी वाहन के नहीं पहुंच सकने के कारण परिजनों को उसे खाट में उठाकर पांच किलोमीटर दूर वाहन तक लाना पड़ा।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में चारपहिया वाहन आ सके ऐसी सड़क नहीं है। जब सावित्री बाई की तबीयत बिगड़ी तब परिजनों ने एक खाट को लकड़ी से बांध दिया और महिला को उसमें लिटा दिया गया। इसके बाद उसे पांच किलोमीटर दूर अंबाकछार गांव तक पहुंचाया गया।
उन्होंने बताया कि अंबाकछार गांव से महिला को एक निजी वाहन से कुनकुरी गांव स्थित अस्पताल पहुंचाया गया।
बगीचा विकासखंड के विकासखंड चिकित्सा अधिकारी आरएन दुबे ने बताया कि जब जानकारी मिली कि एक गर्भवती महिला को चिकित्सा सुविधा की जरूरत है तब एंबुलेंस को वहां पहुंचने के लिए कहा गया था।
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दुबे ने बताया कि एंबुलेंस के वहां पहुंचने से पहले ही महिला के परिजन उसे कुनकुरी के स्वास्थ्य केंद्र में पहुंचा चुके थे।
एक अन्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि महिला की हालत स्थिर है तथा प्रसव होने में अभी कुछ समय शेष है।
उन्होंने बताया कि बुधवार दोपहर में महिला को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। परिजनों को बताया गया कि महिला के प्रसव में अभी कुछ दिन और है तथा उसे घर ले जाने के लिए कहा गया है। चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि महिला को घर ले जाने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था की गई है।
इधर बगीचा जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विनोद सिंह ने बताया कि मानसून के बाद जबला और अन्य गांव तक पहुंच मार्ग का निर्माण किया जाएगा। गांव तक पहुंचने के लिए दो नालों के ऊपर पुल का निर्माण किया जाएगा।
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