जम्मू, 30 मई केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के महानिदेशक (डीजी) ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने जम्मू कश्मीर में अमरनाथ यात्रा से पहले सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा के लिए जम्मू में एक बैठक की अध्यक्षता की।
श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड (एसएएसबी) की घोषणा के अनुसार, दक्षिण कश्मीर में 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित गुफा मंदिर की 38 दिवसीय यात्रा तीन जुलाई को शुरू होगी और नौ अगस्त को समाप्त होगी।
सीआरपीएफ ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘सीआरपीएफ के महानिदेशक जी. पी. सिंह ने अमरनाथ यात्रा 2025 को लेकर सुरक्षा तैयारियों का मूल्यांकन करने के लिए सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ जम्मू सेक्टर मुख्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की।’’
सीआरपीएफ ने कहा कि श्रद्धालुओं की निर्बाध यात्रा सुनिश्चित करने के लिए व्यवस्थाओं का विस्तार से निरीक्षण किया गया है।
महानिदेशक ने बुधवार को कश्मीर घाटी का दौरा किया और यात्रा का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए तैयारियों की रणनीतिक समीक्षा की।
उन्होंने आधार और पारगमन शिविरों सहित प्रमुख तीर्थ स्थलों का भी दौरा किया, जमीनी व्यवस्थाओं का आकलन किया और सभी श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित, सुचारू और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध यात्रा को लेकर प्रतिबद्धता की पुष्टि की।
अमरनाथ गुफा की यात्रा दो मार्गों से की जा सकती है। एक यात्रा दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में पहलगाम होते हुए पारंपरिक 48 किलोमीटर के मार्ग से होकर और दूसरी मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले में छोटे लेकिन खड़ी चढ़ाई वाले 14 किलोमीटर लंबे बालटाल मार्ग से की जा सकती है।
केंद्र ने वार्षिक अमरनाथ यात्रा के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के लगभग 42,000 कर्मियों वाली 580 कंपनियों की तैनाती के आदेश दिए हैं।
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