रायपुर, 30 अप्रैल छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आगामी जनगणना में जातिगत गणना को शामिल करने की केंद्र सरकार की घोषणा की सराहना की है तथा इस कदम को सामाजिक न्याय व समावेशी विकास सुनिश्चित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक तथा दूरदर्शी निर्णय बताया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों के अनुसार मुख्यमंत्री साय ने कहा है, ''यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने जातियों की गणना को आधिकारिक रूप से जनगणना में सम्मिलित करने का जो निर्णय लिया है, वह प्रशंसनीय और अभिनंदनीय है। इससे देश में सामाजिक नीति निर्माण को ठोस आधार मिलेगा और वंचित वर्गों के लिए प्रभावी योजनाएं बनाई जा सकेंगी।''
साय ने कांग्रेस पार्टी की नीति पर भी सवाल उठाया है और कहा, “आजादी के बाद से कांग्रेस जातिगत जनगणना से भागती रही है। वर्ष 2010 में जब संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार थी, तब भी अधिकांश दलों की सहमति के बावजूद कांग्रेस ने इसे रोका। आज फिर वही पार्टी जातीय सर्वेक्षणों को राजनीति का माध्यम बनाकर समाज को बांटने का प्रयास कर रही है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनगणना केंद्र का विषय है और जब जातियों की गणना उसी के माध्यम से होगी तो उसकी विश्वसनीयता, पारदर्शिता और नीति निर्धारण में उपयोगिता कहीं अधिक होगी।
उन्होंने कहा कि कई राज्यों ने सर्वे के नाम पर जो जातीय आंकड़े जुटाए, वे राजनीतिक एजेंडे से प्रेरित थे और इससे सामाजिक ताना-बाना प्रभावित हुआ।
साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता की ओर से वह प्रधानमंत्री मोदी का इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए आभार प्रकट करते हैं।
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