जयपुर, 12 अप्रैल राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने मंगलवार को करौली जिला प्रशासन पर आरोप लगाया कि उसने हिंसा के 10 दिन बाद भी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की और निर्दोष लोगों को जेल में बंद कर दिया। उन्होंने उन्हें मुआवजा देने की मांग की जिनकी दुकानें दंगे में जला दी गईं।
दंगाग्रस्त इलाकों में दौरा करने के बाद घायलों से मुलाकात करने पहुंची राजे ने करौली में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि घटना के 10 दिन बाद भी नामजद आरोपी गिरफ्तार नहीं किये गये हैं ।
उन्होंने प्रशासन से दोषियों को तुरंत गिरफ्तार करने एवं नुकसान उठाने वालों को मुआवजा देने की मांग की है।
उन्होंने प्रशासन पर एकतरफा कार्रवाई करने का आरोप लगाते हुए कहा ‘‘ जो पत्थर फेंक रहा था और जो पिट रहा था, उनदोंनो को एक तराजू में कैसे तौल सकते हैं आप ? जो लोग घायल होकर अस्पताल में गये उन्हें उठा-उठा कर जेल में बंद कर दिया गया.. उनके ऊपर कठोर से कठारे धाराएं लगाई गईं।’’
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘ पुलिस ने ऐसे लोंगो को पकड़-पकड़ कर बंद कर दिया जिनका हिंसा से कोई मतलब ही नहीं था और उन पर आजीवन कारावास की धारा लगा दी । ’’
उन्होंने कहा कि आज घटना को 10 दिन हो गये हैं लेकिन जिन लोंगो की दुकानें नष्ट कर दी गई हैं .. आज तक प्रशासन का कोई भी व्यक्ति उनकी दुकानो में नहीं गया है। ’’
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