देश की खबरें | न्यायालय झारखंड सरकार, राज्य के डीजीपी के खिलाफ अवमानना याचिका पर दो अगस्त को करेगा सुनवाई

नयी दिल्ली, 20 जुलाई उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को कहा कि झारखंड के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नीरज सिन्हा के खिलाफ एक अवमानना याचिका पर वह दो अगस्त को सुनवाई करेगा।

सिन्हा पर आरोप है कि वह 31 जनवरी को सेवानिवृत्त हो जाने के बाद भी राज्य में पुलिस के शीर्ष पद पर अवैध रूप से काबिज हैं।

अवमानना याचिका में झारखंड सरकार को भी एक प्रतिवादी बनाया गया है।

न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना की पीठ को वरिष्ठ अधिवक्ता अनुपम लाल दास ने बताया कि विषय का उल्लेख कई बार किया गया है और इसे नजदीकी तिथि पर सूचीबद्ध किया जाए।

पीठ ने कहा कि वह दो अगस्त को विषय पर सुनवाई करेगी और दास के अनुरोध के बाद इसे सूचीबद्ध कर दिया।

वरिष्ठ अधिकवक्ता ने शुरूआत में कहा, ‘‘यह विषय झारखंड के डीजीपी के पद पर अवैध रूप से बने रहने से संबद्ध है। यह प्रकाश सिंह मामले में न्यायालय के पूर्व के फैसले का उल्लंघन है। ’’

इससे पहले, 13 अप्रैल को प्रधान न्यायाधीश एन वी रमण की अध्यक्षता वाली एक पीठ ने कहा था कि विषय को उपयुक्त पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया जाएगा।

शीर्ष न्यायालय ने झारखंड निवासी राजेश कुमार द्वारा राज्य सरकार, इसके अधिकारियों और संघ लोक सेवा आयोग के खिलाफ दायर अवमानना याचिका पर 14 जुलाई 2021 को नोटिस जारी किये थे।

बाद में, अवमानना याचिका में सिन्हा को भी पक्ष बनाया गया।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)