जरुरी जानकारी | अदालत ने सहारा समूह की नौ कंपनियों की जांच के केंद्र के आदेश पर रोक लगाई

नयी दिल्ली, 16 दिसंबर दिल्ली उच्च न्यायालय ने सहारा समूह से जुड़ी नौ कंपनियों की जांच के केंद्र के दो आदेशों पर रोक लगा दी है।

मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ ने कहा कि पहली नजर में याचिकाकर्ता सहारा हाउसिंग इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड और अन्य ने अंतरिम राहत पाने के लिए मामला बनाया है और सुविधा का संतुलन भी उनके पक्ष में है और यदि अंतरिम राहत नहीं दी गई, तो उन्हें अपूरणीय क्षति होगी।

उच्च न्यायालय ने केंद्र को नोटिस भी जारी किया और याचिका पर जवाब दाखिल करने को कहा।

अदालत ने केंद्र के 31 अक्टूबर, 2018 और 27 अक्टूबर, 2020 के आदेशों पर भी सुनवाई की अगली तारीख यानी 18 जनवरी तक रोक लगा दी।

पीठ ने कहा, ‘‘हम इसलिए प्रतिवादियों द्वारा पारित 31 अक्टूबर, 2018 और 27 अक्टूबर, 2020 के आदेशों के संचालन, कार्यान्वयन और निष्पादन पर सुनवाई की अगली तारीख तक रोक लगाते हैं।’’

याचिकाकर्ताओं ने कहा कि इस संबंध में निरीक्षकों को 31 अक्टूबर, 2018 से तीन महीने के भीतर सरकार को जांच रिपोर्ट देनी थी, लेकिन तीन महीने के भीतर ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं दी गई थी और वास्तव में आज भी, तीन साल से अधिक समय बीतने के बावजूद, जांच अभी भी जारी है।

इन कंपनियों में एंबी वैली लिमिटेड, किंग एंबी सिटी डेवलपर्स कॉरपोरेशन लिमिटेड, सहारा इंडिया कमर्शियल कॉरपोरेशन लिमिटेड, सहारा प्राइम सिटी लिमिटेड, सहारा इंडिया फाइनेंशियल कॉरपोरेशन लिमिटेड और सहारा इंडिया रियल एस्टेट कॉरपोरेशन लिमिटेड शामिल हैं।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)