देश की खबरें | गुरुग्राम स्कूल में नाबालिग की हत्या के आरोपी को न्यायालय ने अंतरिम जमानत दी

नयी दिल्ली, 20 अक्टूबर उच्चतम न्यायालय ने 2017 में हरियाणा के गुरुग्राम के एक निजी स्कूल में सात साल के बच्चे की कथित हत्या करने वाले उस युवक को बृहस्पतिवार को अंतरिम जमानत दे दी, जिसके बारे में किशोर न्याय बोर्ड ने तीन दिन पहले फैसले दिया था कि इस मामले में उस पर वयस्क के तौर पर मुकदमा चलाया जाएगा।

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में यह घटना पांच साल पहले हुई थी, तब आरोपी की उम्र 16 साल थी।

न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी और न्यायमूर्ति जे. के. माहेश्वरी की पीठ ने कहा कि सुनवाई पूरी होने तक आरोपी को लगातार हिरासत में रखने से उस पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

पीठ ने कहा, ‘‘तदनुसार, अंतरिम राहत की अर्जी स्वीकार की जाती है और इस अदालत के अगले आदेश तक याचिकाकर्ता (अपीलकर्ता) को सत्र न्यायाधीश गुरुग्राम द्वारा लगाई गई शर्तों के आधार पर जमानत पर रिहा किया जा सकता है।’’

न्यायालय ने कहा, ‘‘हालांकि, याचिकाकर्ता-अपीलकर्ता को लगातार एक परिवीक्षा अधिकारी या सत्र न्यायाधीश द्वारा नियुक्त किसी अन्य व्यक्ति की निगरानी में रहना होगा। यह भी स्पष्ट किया जाता है कि याचिकाकर्ता और उसके माता-पिता से यह अपेक्षा की जाएगी कि वे मामले की सुनवाई में बाधा उत्पन्न नहीं करेंगे और मामले के किसी भी गवाह से संपर्क करने या संवाद करने की कोशिश नहीं की जाएगी।’’

पीठ ने कहा कि अगर याचिकाकर्ता के व्यवहार में कोई कमी आती है तो परिवीक्षा अधिकारी सत्र न्यायाधीश को इसकी सूचना देने के लिए स्वतंत्र होगा और वह (सत्र न्यायाधीश) शीर्ष अदालत को यह सूचना भेजेगा।

पीड़ित परिवार की ओर से पेश होने वाले अधिवक्ता सुशील टेकरीवाल ने ‘पीटीआई-’ से कहा, ''हम जल्द से जल्द मुकदमे की सुनवाई कराने की पूरी कोशिश करेंगे और मामले में दोषसिद्धि दिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।''

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