देश की खबरें | अदालत ने किसान की पोस्टमार्टम रिपोर्ट दिल्ली पुलिस को मुहैया कराने को कहा

नयी दिल्ली, चार मार्च दिल्ली उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश पुलिस को गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर परेड के दौरान ट्रैक्टर पलटने से मारे गए 25 वर्षीय किसान की मूल एक्स-रे प्लेट और पोस्टमार्टम का वीडियो मुहैया कराने का निर्देश दिया।

न्यायमूर्ति योगेश खन्ना ने कहा कि दोनों मूल दस्तावेज पांच मार्च को दोपहर दो बजे दिल्ली पुलिस के अधिकारी के हवाले किया जाए और जांच अधिकारी सुरक्षित स्थान पर इसे संभालकर रखेंगे।

उच्च न्यायालय नवरीत सिंह के दादा हरदीप सिंह की एक याचिका पर सुनवाई कर रहा था जिसमें दावा किया गया है कि नवरीत के माथे में गोली लगी थी। उसका पोस्टमार्टम उत्तर प्रदेश के रामपुर जिला अस्पताल में हुआ था।

हालांकि, अदालत के समक्ष दिल्ली और उत्तर प्रदेश की पुलिस ने दावा किया कि नवरीत को कोई गोली नहीं लगी थी।

दिल्ली सरकार के स्थायी वकील (फौजदारी) राहुल मेहरा ने अदालत को बताया कि उन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस को मूल एक्स-रे प्लेट और पोस्टमार्टम वीडियो मुहैया कराने का अनुरोध किया था लेकिन रामपुर पुलिस और अस्पताल के अधिकारियों ने अदालत के आदेश के बिना यह देने से मना कर दिया।

उत्तर प्रदेश पुलिस और अस्पताल के सीएमओ की तरफ से पेश अधिवक्ता गरिमा प्रसाद ने कहा कि उनके पास एक्स-रे की रिपोर्ट नहीं है और केवल एक्स-रे प्लेट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट है, जिसे वे अदालत द्वारा तय की गयी तारीख को दिल्ली पुलिस को सौंप सकते हैं।

दिल्ली पुलिस ने पूर्व में कहा था कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक हादसे के दौरान सिर में चोट लगने से किसान की मौत हो गयी और सड़क दुर्घटना के कारण संभवत: माथे में चोट लगी।

अधिवक्ता सौतिक बनर्जी के जरिए दाखिल याचिका में किसान की मौत के मामले की अदालत की निगरानी में एसआईटी से जांच कराने का भी अनुरोध किया गया है।

पुलिस का दावा है कि आईटीओ के पास ट्रैक्टर पलटने से व्यक्ति की मौत हुई थी।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)