देश की खबरें | अदालत ने अधिवक्ता से प्रतिबंधित चीनी ऐप का इस्तेमाल विधिक कार्य में करने से परहेज करने को कहा
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 26 अगस्त दिल्ली की एक अदालत ने एक अधिवक्ता से कहा कि वह विधिक कार्य में प्रतिबंधित चीनी ऐप ‘कैमस्कैनर’ का इस्तेमाल से परहेज करें। इस ऐप का प्रयोग दस्तावेज स्कैन करने के लिए किया जाता है।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुनील चौधरी ने कहा कि अधिवक्ता प्रवीण चौधरी ने अदालत के समक्ष दायर की गई जमानत अर्जी को कैमस्कैनर से स्कैन किया था जिसे भारत सरकार द्वारा प्रतिबंधित किया गया है।

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अदालत ने पांच अगस्त को दिए अपने आदेश में कहा, ‘‘जमानत के लिए यह अर्जी मेल से प्राप्त हुई है। दायर की गई अर्जी को कैमस्कैनर से स्कैन किया गया है जिसे भारत सरकार द्वारा प्रतिबंधित किया गया है।’’

अदालत ने कहा, ‘‘वकील को सलाह दी जाती है कि भविष्य में विधिक काम में प्रतिबंधित ऐप के इस्तेमाल से बचें।’’

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चौधरी ने रूपेन्द्र कुमार के लिए जमानत की अर्जी दायर की थी जो कि भारतीय दंड संहिता की धारा 498-ए और 304-बी के तहत दर्ज मामले में एक आरोपी है।

कैमस्कैनर चीन से जुड़े उन 106 ऐप में शामिल है जिसे केंद्र सरकार ने देश की संप्रभुता, अखंडता और रक्षा के प्रतिकूल होने के लिए प्रतिबंधित कर दिया था।

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