देश की खबरें | कीटनाशकों पर लेबल संबंधी नये नियमों में बदलाव के अनुरोध वाली याचिका पर अदालत ने केंद्र का रुख पूछा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को केंद्र को निर्देश दिया कि छोटे और बहुत छोटे पैक पर नये लेबल लगाने के नियमों का पालन नहीं करने वाले कीटनाशक निर्माताओं के खिलाफ 31 जुलाई तक कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाए।

नयी दिल्ली, 13 जुलाई दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को केंद्र को निर्देश दिया कि छोटे और बहुत छोटे पैक पर नये लेबल लगाने के नियमों का पालन नहीं करने वाले कीटनाशक निर्माताओं के खिलाफ 31 जुलाई तक कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाए।

मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति प्रतीक जालान की पीठ ने केंद्र को नोटिस जारी करते हुए अंतरिम निर्देश दिया। अदालत ने कीटनाशकों के छोटे तथा बहुत छोटे पैक पर लेबल लगाने की चार जून की अधिसूचना को चुनौती देने वाली दो याचिकाओं पर केंद्र का रुख भी पूछा।

यह भी पढ़े | कोरोना महामारी को लेकर तमिलनाडु सरकार का बड़ा फैसला, बस सेवाओं पर लगी रोक को 31 जुलाई तक बढ़ाया गया.

पीठ ने आदेश जारी करते हुए यह भी कहा कि प्रथमदृष्टया ऐसा लगता है कि सरकार ने जिस तरह की लेबलिंग को अनिवार्य बनाया है उसे करना असंभव है।

उसने कहा कि निर्माता लंबे समय से इस कारोबार में हैं, रोजगार दे रहे हैं और कर चुका रहे हैं और अगर उन्हें लेबलिंग के नियमों में कोई कठिनाई आ रही है तो सरकार को उनके साथ बैठकर समाधान निकालना चाहिए।

यह भी पढ़े | कोरोना के तमिलनाडु में 4328 नए मरीज पाए गए, 66 की मौत: 13 जुलाई 2020 की बड़ी खबरें और मुख्य समाचार LIVE.

पीठ ने कहा, ‘‘व्यावहारिक बनिए। निर्माताओं को उनका उत्पादन जारी रखने में मदद कीजिए। उनके साथ परामर्श कीजिए। अगर सब ‘नहीं-नहीं’ कह रहे हैं तो आप इसे बदलिए।’’

कीटनाशक निर्माताओं की ओर से दायर दो याचिकाओं में दलील दी गयी है कि 50 से 250 ग्राम या मिलीलीटर के छोटे पैक और 1 से 50 ग्राम या मिलीलीटर के बहुत छोटे पैक पर रसायनों और अन्य जानकारी समेत 19 मदों में विवरण छापना असंभव है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\