देश की खबरें | अदालत ने प्राधिकारियों से पूर्व न्यायाधीश की हथियार लाइसेंस संबंधी याचिका पर निर्णय लेने को कहा

नयी दिल्ली, 20 जुलाई दिल्ली उच्च न्यायालय ने राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) के पूर्व विशेष न्यायाधीश की शस्त्र लाइसेंस के अनुरोध संबंधी याचिका पर दिल्ली सरकार और पुलिस को निर्णय लेने का निर्देश दिया है।

निजी सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए न्यायाधीश ने दिल्ली सरकार और पुलिस को हथियार लाइसेंस जारी करने के पूर्व विशेष न्यायाधीश के आवेदन पर निर्णय लेने का निर्देश देने की मांग की।

न्यायमूर्ति सचिन दत्ता ने याचिका का निपटारा करते हुए कहा कि प्राधिकारियों के वकील ने कहा है कि नवंबर 2023 के आवेदन पर निर्णय लिया जाएगा और याचिकाकर्ता को सूचित किया जाएगा।

अदालत ने 30 मई के अपने आदेश में कहा, "उपर्युक्त आदेश याचिकाकर्ता की तत्काल शिकायत का निवारण करता है।"

आदेश में यह भी कहा गया कि यदि याचिकाकर्ता प्राधिकारियों द्वारा लिए गए निर्णय से असंतुष्ट है तो वह कानून के तहत उचित उपाय करने के लिए स्वतंत्र होगा।

याचिका के अनुसार, न्यायाधीश ने त्रिपुरा में एनआईए के विशेष न्यायाधीश के रूप में सेवा दी है और वर्तमान में वह दिल्ली में प्रतिनियुक्ति पर हैं। उन्होंने नवंबर 2023 में शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदन किया था, लेकिन दिल्ली पुलिस के लाइसेंस प्राधिकरण ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है।

याचिका में कहा गया कि चूंकि उनका परिवार स्थायी रूप से दिल्ली में रहता है, उन्होंने अपनी और परिवार की सुरक्षा के लिए शस्त्र लाइसेंस मांगा है, जिससे वे बाहरी आपराधिक खतरों से मुक्त रह सकें और स्वतंत्र रूप से आ-जा सकें।

याचिका में कहा गया है, "यह चौंकाने वाली बात है कि याचिकाकर्ता और उनका परिवार बिना किसी सुरक्षा के रह रहे हैं तथा इससे उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से खतरा पैदा हो सकता है।"

योगेश रंजन

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