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देश की खबरें | एनसीआर में बिल्डरों-बैंकों की साठगांठ: न्यायालय के निर्देश पर सीबीआई ने दर्ज कीं 22 प्राथमिकियां

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने एनसीआर में मकान खरीददारों से धोखाधड़ी के लिए बिल्डरों और बैंकों के बीच साठगांठ से संबंधित मामले की जांच करने के उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के तहत 22 प्राथमिकी दर्ज की हैं। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

देश की खबरें | एनसीआर में बिल्डरों-बैंकों की साठगांठ: न्यायालय के निर्देश पर सीबीआई ने दर्ज कीं 22 प्राथमिकियां

नयी दिल्ली, 30 जुलाई केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने एनसीआर में मकान खरीददारों से धोखाधड़ी के लिए बिल्डरों और बैंकों के बीच साठगांठ से संबंधित मामले की जांच करने के उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के तहत 22 प्राथमिकी दर्ज की हैं। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

सीबीआई प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि एजेंसी ने प्राथमिकी दर्ज करने के बाद दिल्ली और एनसीआर में 47 स्थानों पर तलाशी ली।

सीबीआई ने अपनी अलग-अलग प्राथमिकियों में जेपी स्पोर्ट्स इंटरनेशनल लिमिटेड, जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड, अजनारा इंडिया लिमिटेड, वाटिका लिमिटेड, जेपी इंफ्राटेक लिमिटेड, सुपरटेक और आइडिया बिल्डर्स व अन्य को नामजद किया है।

अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी की आर्थिक अपराध इकाई द्वारा दर्ज प्राथमिकी में भारतीय स्टेट बैंक, इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड, पीरामल फाइनेंस, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, टाटा कैपिटल हाउसिंग फाइनेंस और पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड जैसे कई बैंकिंग और वित्तीय संस्थानों के नाम भी शामिल हैं।

सीबीआई ने उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति एन. कोटिश्वर सिंह की पीठ के निर्देशों के बाद यह कार्रवाई की है। पीठ ने एजेंसी को विभिन्न बिल्डरों और बैंकों के खिलाफ की गई प्रारंभिक छह जांचों को और जांचके लिए 22 नियमित मामलों में बदलने की अनुमति दी थी।

बयान में कहा गया है, ‘‘इस संबंध में, सीबीआई ने 22 मामले दर्ज किए हैं और दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद आदि में 47 स्थानों पर तलाशी ली है। तलाशी के दौरान विभिन्न आपत्तिजनक दस्तावेज और कुछ डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जब्त किए गए हैं।’’

यह मामला बैंकों और वित्तीय संस्थानों द्वारा घर खरीदने वालों को दी जाने वाली एक आर्थिक सहायता योजना पर केंद्रित है, जिसमें स्वीकृत ऋण राशि सीधे डेवलपर्स को वितरित की जाती थी, जो खरीदारों को फ्लैटों का कब्जा सौंपे जाने तक ईएमआई का भुगतान करने के लिए बाध्य थे।

डेवलपर्स द्वारा अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा न करने के व्यापक प्रयास के बाद, बैंकों ने खरीदारों से पुनर्भुगतान की मांग शुरू कर दी।

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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 30, 2025 07:56 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).