देश की खबरें | मुख्य न्यायाधीश ने मादक पदार्थों की समस्या से लड़ने के लिए एकजुट प्रयास का आह्वान किया

जम्मू, दो अप्रैल जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ताशी रबस्तान ने दोनों केंद्र शासित प्रदेशों में मादक पदार्थों की समस्या से लड़ने के लिए सहयोगात्मक और एकीकृत दृष्टिकोण अपनाने का बुधवार को आह्वान किया।

जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन जम्मू द्वारा जे-के क्रिमिनोलॉजिस्ट सोसायटी के सहयोग से वकीलों के चैंबर में सेमिनार का आयोजन किया गया। मादक पदार्थों के समस्या पर आयोजित सम्मेलन में न्यायमूर्ति रबस्तान ने कानूनी बिरादरी से भी इस लड़ाई में योगदान देने का आग्रह किया।

उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि नए आपराधिक कानून ऐसी गतिविधियां रोकने में सहायक होंगे।

मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान, वह वकीलों के साथ पैनल चर्चा के अलावा स्कूलों और कॉलेजों में छात्रों को जागरुक करेंगे।

केंद्र सरकार के नशा मुक्त भारत अभियान के तहत आयोजित सेमिनार में उन्होंने कहा, ‘‘जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में मादक पदार्थों की समस्या से लड़ने के लिए सहयोगात्मक और एकीकृत दृष्टिकोण की आवश्यकता है।’’

उच्च न्यायालय के न्यायाधीश संजीव कुमार ने कहा कि मादक पदार्थों की समस्या में दो प्रमुख पक्ष हैं-एक पीड़ित जो इसका सेवन करता है और दूसरे वे जो इसे उगाते और बेचते हैं। उन्होंने पीड़ितों के लिए परामर्श और वैकल्पिक उपचार की वकालत की तथा तस्करों के लिए दंड का सुझाव दिया।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)