देहरादून, 20 मई नैनीताल में 12 वर्षीय लड़की से कथित दुष्कर्म के आरोपी ठेकेदार उस्मान अली की जमानत याचिका हल्द्वानी स्थित पॉक्सो अदालत ने मंगलवार को खारिज कर दी।
विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) सुधीर तोमर ने अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद आरोपी की जमानत अर्जी नामंजूर कर दी।
अदालत ने कहा कि आरोपी प्रभावशाली व्यक्ति है और उसकी रिहाई से साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका है।
इससे पहले, आरोपी की ओर से पेश अधिवक्ता मनीषा भण्डारी ने कहा कि प्राथमिकी दर्ज कराने में देरी हुई है और आरोपी को जनता के दबाव में फंसाया गया है।
उन्होंने कहा कि आरोपी क्षेत्र का एक सम्मानित ठेकेदार है और उसकी ख्याति को प्रभावित करने के लिए ये आरोप लगाए गए हैं।
हालांकि, अभियोजन पक्ष ने जमानत अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी ने 12 साल की लड़की से दुष्कर्म जैसा घिनौना अपराध किया है।
यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम, एससी/एसटी अधिनियम तथा भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज मुकदमे में उस्मान पर आरोप है कि उसने 12 अप्रैल को नाबालिग लड़की को लालच देकर अपनी कार में बैठाया और चाकू दिखाकर उससे कथित दुष्कर्म किया।
पीड़िता ने अपने बयान में दुष्कर्म की पूरी जानकारी दी जबकि चिकित्सकीय परीक्षण के दौरान उसने चिकित्सक के सामने भी इसकी पुष्टि की।
पीड़िता ने यह भी बताया कि आरोपी ने घटना के बारे में किसी को बताने पर उसे जान से मारने की धमकी दी ।
घटना की प्राथमिकी 30 अप्रैल को मल्लीताल थाने में दर्ज कराई गई थी ।
मामला सामने आने के बाद नैनीताल में सांप्रदायिक तनाव पैदा हो गया था।
हिंदूवादी संगठनों के नेतृत्व में जनता ने सड़क पर उतर कर प्रदर्शन किया और इस दौरान एक समुदाय की कुछ दुकानों में तोड़-फोड़ भी की गयी ।
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