नयी दिल्ली, 26 जनवरी उच्चतम न्यायालय वेब सीरीज ‘तांडव’ के निर्देशक अली अब्बास जफर और अन्य के खिलाफ विभिन्न राज्यों में दर्ज आपराधिक शिकायतों को रद्द करने का अनुरोध करने वाली याचिकाओं के एक समूह पर बुधवार को सुनवाई करेगा।
अमेजन प्राइम वीडियो की (वेब) सीरीज ‘तांडव’ से हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को कथित तौर पर ठेस पहुंचने को लेकर ये शिकायतें दर्ज कराई गई थी।
जफर के अलावा अमेजन प्राइम इंडिया प्रमुख अपर्णा पुरोहित, निर्माता हिमांशु मेहरा, कहानी के लेखक गौरव सोलंकी और अभिनेता मोहम्मद जीशान अयूब ने उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, कर्नाटक और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में दर्ज की गई प्राथमिकी के खिलाफ तीन अलग-अलग याचिकाएं दायर की हैं।
न्यायमूर्ति अशोक भूषण, न्यायमूर्ति आर सुभाष रेड्डी और न्यायमूर्ति एम आर शाह की पीठ प्राथमिकी के खिलाफ याचिकाओं पर सुनवाई करेगी।
वेब सीरीज के जरिये कथित तौर पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने को लेकर जफर, पुरोहित, मेहरा और सोलंकी के खिलाफ लखनऊ में भादंसं की विभिन्न धाराओं और सूचना प्रौद्योगिक अधिनियम की संबद्ध धाराओं के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
हालांकि, इस मामले में बंबई उच्च न्ययालय ने इन चारों को ट्रांजिट अग्रिम जमानत दे दी थी।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश पुलिस ने ‘तांडव’ के निर्माताओं और कलाकारों के खिलाफ लखनऊ, ग्रेटर नोएडा और शाहजहांपुर (तीनों उत्तर प्रदेश में) कम से कम तीन प्राथिमकी दर्ज की थी।
वहीं, इसी तरह की अन्य प्राथमिकी भी वेब सीरीज से संबद्ध लोगों के खिलाफ मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक में दर्ज की गई थी।
याचिकाओं में विभिन्न राज्य सरकारों और पुलिस अधिकारियों को पक्षकार बनाया गया है।
यह वेब सीरीज नौ कड़ियों की है, जिसमें बॉलीवुड कलाकार सैफ अली खान, डिंपल कपाड़िया और मोहम्मद जीशान अयूब ने मुख्य भूमिका निभाई है।
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