ठाणे, 14 फरवरी ठाणे जिले के कल्याण में निगम संचालित एक अस्पताल में प्रसव के दौरान जान गंवाने वाली 26 वर्षीय महिला के परिजन ने चिकित्सकों पर बिना सहमति के उसका गर्भाशय निकालने का आरोप लगाया है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि वे अपने दोस्तों के साथ मंगलवार से कल्याण डोम्बिवली नगर निगम द्वारा संचालित शास्त्री नगर अस्पताल में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
डोम्बिवली पश्चिम के मोथागांव की रहने वाली सुवर्णा सरोदे का ‘सिजेरियन’ ऑपरेशन किया गया, जिसके बाद उसकी हालत बिगड़ गई और चिकित्सकों ने उसे मुंबई के सायन अस्पताल में स्थानांतरित करने की सलाह दी। बाद में अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उसकी मौत हो गई। उसके परिवार के सदस्यों के अनुसार बिना सहमति के ऑपरेशन के दौरान उसका गर्भाशय निकाल दिया गया था।
अधिकारी ने कहा कि मंगलवार से, उसके परिजन और दोस्त वहां के चिकित्सकों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एसआरपीएफ और पुलिस कर्मियों को अस्पताल के बाहर तैनात किया गया है।
महिला के पति अविनाश सरोदे ने कहा, “हम तब तक सुवर्णा का शव नहीं लेंगे, जब तक कि इस मामले में शामिल चिकित्सकों और चिकित्सा कर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं की जाती। हममें से किसी की सहमति के बिना उसका गर्भाशय क्यों निकाल दिया गया? हम न्याय पाने के लिए दृढ़ हैं।”
शास्त्री नगर अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. किशोर चौधरी ने कहा कि वह मेडिकल फॉरेंसिक कमेटी की रिपोर्ट के साथ-साथ पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही इस मुद्दे पर टिप्पणी करेंगे।
चिकित्सा अधिकारी डॉ. दीपा शुक्ला ने कहा, “मामले की फॉरेंसिक जांच जारी है।”
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