Assembly Elections 2026: भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) यानी ईसीआई (ECI) ने मंगलवार, 24 मार्च को जारी एक व्यापक दिशा-निर्देश में चल रहे विधानसभा चुनाव चक्र के दौरान 'एग्जिट पोल' (Exit Polls) के संचालन, प्रकाशन या प्रसार पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है. आयोग का यह आदेश असम (Assam), केरल (Kerala), पुडुचेरी (Puducherry), तमिलनाडु (Tamil Nadu) और पश्चिम बंगाल (West Bengal) में होने वाले चुनावों की शुचिता बनाए रखने के लिए जारी किया गया है. चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, असम, केरल और पुडुचेरी में 9 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि तमिलनाडु में 23 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे. पश्चिम बंगाल में दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को मतदान संपन्न होगा. यह भी पढ़ें: Assembly Elections 2026 Date: पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, समेत 5 राज्यों में मतदान की तारीखों का ऐलान, जानें वोटिंग की तारीख और कब आएंगे नतीजे
प्रतिबंध की समय-सीमा और कानूनी प्रावधान
निर्वाचन आयोग के अनुसार, यह प्रतिबंध 9 अप्रैल को सुबह 7:00 बजे से शुरू होकर 29 अप्रैल की शाम 6:30 बजे तक लागू रहेगा. जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धाराओं के तहत जारी इस आदेश में प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया या संचार के किसी भी अन्य माध्यम से एग्जिट पोल के नतीजों को दिखाने या सार्वजनिक करने पर रोक लगाई गई है.
ओपिनियन पोल और 'साइलेंस पीरियड' के नियम
मुख्य निर्वाचन अधिकारी अर्चना पटनायक ने स्पष्ट किया कि एग्जिट पोल के साथ-साथ ओपिनियन पोल (Opinion Polls) पर भी कड़े प्रतिबंध लागू होंगे. कानून के अनुसार, किसी भी राज्य में मतदान समाप्त होने से ठीक 48 घंटे पहले की अवधि को 'साइलेंस पीरियड' माना जाता है. इस दौरान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर चुनाव से संबंधित किसी भी सामग्री, सर्वे या ओपिनियन पोल के नतीजों को प्रदर्शित करना प्रतिबंधित है.
स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव का उद्देश्य
आयोग का प्राथमिक उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश के विभिन्न हिस्सों में मतदान प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं पर किसी भी प्रकार का अनुचित प्रभाव न पड़े. तमिलनाडु जैसे राज्यों में, जहाँ 23 अप्रैल को सुबह 7:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक मतदान होना है, राजनीतिक दलों के बीच कड़ा मुकाबला देखा जा रहा है। ऐसे में अनुमानित आंकड़ों के प्रसार से चुनावी माहौल प्रभावित होने का अंदेशा रहता है.
उल्लंघन पर होगी दंडात्मक कार्रवाई
चुनाव आयोग ने मीडिया संस्थानों, डिजिटल प्लेटफॉर्म और सभी राजनीतिक हितधारकों को इन नियमों का कड़ाई से पालन करने की सलाह दी है. अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि इन दिशा-निर्देशों का किसी भी प्रकार का उल्लंघन करने पर जनप्रतिनिधित्व अधिनियम और अन्य लागू कानूनों के तहत कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी.
मतगणना की तिथि 4 मई 2026 निर्धारित की गई है, जिसके बाद ही आधिकारिक परिणाम घोषित किए जा सकेंगे.













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