जम्मू, नौ मार्च भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता सुनील शर्मा ने जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में एक झरने के पास से तीन शव बरामद होने के एक दिन बाद रविवार को कहा कि कश्मीर में दफन हो चुके आतंकवाद को जम्मू में सिर उठाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
जम्मू-कश्मीर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शर्मा ने कठुआ के बिलावर क्षेत्र में हुई हत्याओं की निंदा करने के लिए एकत्रित प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए शर्मा ने कहा कि आतंकवादियों ने एक नया तरीका अपनाया है, जिसके तहत वे लोगों की केवल हत्या करने के लिए नहीं बल्कि भ्रम पैदा करने के लिए हथियारों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
शर्मा ने पार्टी विधायकों सतीश शर्मा और राजीव जसरोटिया के साथ बिलावर का दौरा किया। भाजपा नेता ने कहा कि उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को घटना के बारे में जानकारी दी जिन्होंने उनसे बिलावर के लोगों को यह बताने के लिए कहा कि वह उनके साथ खड़े हैं।
इस बीच, पूर्व सांसद चौधरी लाल सिंह सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को पुलिस ने क्षेत्र में जाने से रोक दिया, जिसका पार्टी ने कड़ा विरोध किया।
वरुण सिंह (15), उसके चाचा योगेश सिंह (32) और मामा दर्शन सिंह (40) के शव शनिवार को कठुआ जिले के सुदूर मल्हार इलाके में ईशू नाले से बरामद किए गए थे। तीनों पांच मार्च को एक विवाह समारोह से लापता हो गए थे।
शर्मा ने बिलावर के फिंतर चौक पर उपस्थित लोगों से कहा, ‘‘हम एक नया तरीका देख रहे हैं, जिसमें आतंकवादी लोगों को मारने के लिए हथियारों का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं...यह भ्रम पैदा करने के लिए किया गया कृत्य है। जम्मू क्षेत्र को पाकिस्तान के इशारे पर जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है, जो भारत के विश्व शक्ति बनने में बाधा डालना चाहता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘आतंकवाद को कश्मीर में दफना दिया गया है और जम्मू में इसे सिर उठाने की इजाजत नहीं दी जाएगी। आतंकवादियों का समर्थन करने वाले आतंकी तंत्र को उखाड़ फेंका जाएगा, लेकिन हमें एकजुट रहने की जरूरत है और विभाजित नहीं होना चाहिए।’’
भाजपा कार्यकर्ताओं ने बिलावर सहित कठुआ में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया, जहां तीन व्यक्तियों की हत्या के विरोध में पूर्ण बंद रखा गया।
कांग्रेस नेता सिंह और पूर्व मंत्री मनोहर लाल शर्मा को शोक संतप्त परिवारों के प्रति सहानुभूति व्यक्त करने के लिए बिलावर जाते समय पुलिस ने कथित तौर पर रोक लिया।
पूर्व मंत्री सिंह ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह विडंबना है कि भाजपा नेताओं को जाने की अनुमति दी जा रही है जबकि हमें मृतकों के परिवारों से मिलने से रोका जा रहा है। मैंने आतंकवाद के चरम के दौरान भी इस क्षेत्र का दौरा किया था।’’
उन्होंने कहा कि यह पहली बार है कि कठुआ जिले में ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई है और यह गृह मंत्रालय की कथित विफलता को दर्शाता है जो जम्मू-कश्मीर में कानून- व्यवस्था की स्थिति को सीधे नियंत्रित कर रहा है।
इस बीच, प्रदर्शनकारियों ने हत्याओं के विरोध में जम्मू और कठुआ जिलों में विभिन्न स्थानों पर नारेबाजी की और पाकिस्तान के झंडे जलाए।
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