हैदराबाद, तीन मार्च तेलंगाना सरकार ने विधानसभा द्वारा पारित कुछ विधेयकों को राज्यपाल की कथित रूप से मंजूरी नहीं मिलने को लेकर उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। आधिकारिक सूत्रों ने यहां शुक्रवार को यह जानकारी दी।
सूत्रों ने बताया कि मुख्य सचिव के माध्यम से दायर राज्य सरकार की याचिका पर होली की छुट्टी के बाद सुनवाई होने की उम्मीद है।
विधेयकों के संबंध में निर्णय लेने में कथित देरी को लेकर राज्य सरकार द्वारा उच्चतम न्यायालय का रुख करने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए राज्यपाल तमिलिसाई सुंदरराजन ने आज कहा कि मैत्रीपूर्ण बातचीत अधिक मददगार होती।
राज्यपाल ने ट्वीट किया, ‘‘तेलंगाना के मुख्य सचिव दिल्ली की तुलना में राजभवन अधिक निकट है। मुख्य सचिव के रूप में पदभार संभालने के बाद आपको आधिकारिक तौर पर राजभवन आने का समय नहीं मिला। कोई प्रोटोकॉल नहीं। आधिकारिक दौरे और मैत्रीपूर्ण बातचीत अधिक सहायक होती, जिसका आप इरादा नहीं रखते।’’
उन्होंने कहा, ‘‘तेलंगाना के मुख्य सचिव, मैं आपको फिर से याद दिलाती हूं कि राजभवन दिल्ली से ज्यादा करीब है।’’
गौरतलब है कि राजभवन और तेलंगाना की बीआरएस सरकार के बीच संबंध मधुर नहीं रहे हैं और सुंदरराजन ने पहले भी आपत्ति दर्ज कराई थी कि उनके कार्यालय के संबंध में ‘प्रोटोकॉल’ का पालन नहीं किया जा रहा है।
शफीक माधव
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