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Telangana Election Results: आठ सीट पर जीत के साथ भाजपा ने अपने मत प्रतिशत को किया दोगुना

तेलंगाना विधानसभा के 2018 के चुनाव में सिर्फ एक सीट जीतने वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपना मत प्रतिशत लगभग दोगुना कर लिया है। इसी के साथ पार्टी ने अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से कुछ महीने पहले हुए विधानसभा चुनाव में इस दक्षिणी राज्य में अपनी सीट की संख्या में सुधार भी किया है।

Telangana Election Results: आठ सीट पर जीत के साथ भाजपा ने अपने मत प्रतिशत को किया दोगुना
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हैदराबाद, 3 दिसंबर: तेलंगाना विधानसभा के 2018 के चुनाव में सिर्फ एक सीट जीतने वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपना मत प्रतिशत लगभग दोगुना कर लिया है. इसी के साथ पार्टी ने अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से कुछ महीने पहले हुए विधानसभा चुनाव में इस दक्षिणी राज्य में अपनी सीट की संख्या में सुधार भी किया है. भाजपा का मत प्रतिशत 2018 में सात प्रतिशत था, जो इस विधानसभा चुनाव में बढ़कर 13.88 प्रतिशत हो गया है.

पार्टी की राज्य विधानसभा चुनाव में सीट की संख्या भी आठ हो गई है. पार्टी ने इससे पूर्व दो उपचुनाव जीते थे, जिससे निवर्तमान विधानसभा में उसके सदस्यों की संख्या तीन हो गई थी. भाजपा नेता के. वेंकट रमण रेड्डी ने कामारेड्डी में मुख्यमंत्री एवं भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) प्रमुख के. चंद्रशेखर राव और तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी (टीपीसीसी) प्रमुख रेवंत रेड्डी को हराकर एक बड़ा उलटफेर किया. उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी के. चंद्रशेखर राव को 6,741 मतों के अंतर से हराया। हालांकि, दूसरी तरफ भाजपा के सभी तीन सांसद चुनाव हार गए हैं.

विवादास्पद विधायक टी. राजा सिंह हैदराबाद से एकमात्र भाजपा उम्मीदवार हैं, जिन्होंने 2018 विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की थी और इस बार भी उन्होंने अपनी यह उपलब्धि दोहराई है. उन्होंने लगातार तीसरी बार अपनी गोशामहल सीट बरकरार रखी. भाजपा के मुखर सांसद और पूर्व राज्य प्रमुख बी. संजय कुमार अपने बीआरएस प्रतिद्वंद्वी गंगुला कमलाकर रेड्डी से 3,163 वोटों से हार गए. निजामाबाद के सांसद डी. अरविंद अपने बीआरएस प्रतिद्वंद्वी के. संजय से 10 हजार से अधिक मतों से हार गए। सोयम बापुराव भी बीआरएस उम्मीदवार अनिल जादव से हार गए.

भाजपा ने राज्य की सत्ता में आने पर पिछली जाति के नेता को मुख्यमंत्री बनाने का वादा किया था, जो लगता है कि मतदाताओं को रास नहीं आया. पहले भाजपा को बीआरएस के प्रमुख प्रतिद्वंद्वी के तौर पर देखा जा रहा था, लेकिन इस साल मई में कर्नाटक चुनावों में भाजपा की हार और कांग्रेस के मजबूत होने के बाद यह धारणा बदल गई थी.

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(The above story first appeared on LatestLY on Dec 03, 2023 09:50 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).