नयी दिल्ली, पांच दिसंबर बायोकॉन की कार्यकारी चेयरपर्सन किरण मजूमदार-शॉ ने मंगलवार को कहा कि प्रौद्योगिकी का बड़े पैमाने पर लाभ उठाने की जरूरत है। इसके लिए नियामकीय प्रक्रियाओं में सुधार भी जरूरी है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि नई दवाएं बहुत कम समय में बाजार में पहुंचें।
वैश्विक प्रौद्योगिकी शिखर सम्मेलन में मजूमदार-शॉ ने कहा कि किसी विचार को बाजार में लाने में कई वर्ष लग जाते हैं और उसके बाद भी इसके विफल होने की आशंका बहुत अधिक रहती है।
उन्होंने कहा, ‘‘ मेरा मानना है कि ‘बायोटेक’ (जैव प्रौद्योगिकी) के भविष्य में और जिस तरह से हम उत्पाद विकसित करते हैं उसमें प्रौद्योगिकी की बेहद महत्वपूर्ण भूमिका है।’’
उन्होंने कहा कि एक वर्ष से भी कम समय में किसी विचार को प्रयोगशाला से बाजार में लाना बेहद अच्छा होगा।
मजूमदार-शॉ ने कहा, ‘‘ अब हम ऐसा कैसे करें? इसके लिए वास्तव में हमारी नियामकीय प्रक्रिया में पूरी तरह से सुधार करना होगा।’’
सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र को नियंत्रित करने वाले नियम किसी को बहुत कम समय में एक विचार बाजार में ले जाने की अनुमति देते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘ यही कारण है कि निवेशक बहुत उत्साहित हैं क्योंकि वे नए विचारों का समर्थन करने को तैयार हैं क्योंकि या तो यह काम करता है या यह काम नहीं करता है... हमारे क्षेत्र में एक विचार को सामने लाने में वर्षों लग जाते हैं। आप जानते हैं कभी-कभी 10 साल भी लग जाते हैं बाजार में लाने में....और इससे निवेशकों के लिए बायोटेक में इन नए विचारों का समर्थन करना बहुत मुश्किल हो जाता है।’’
मजूमदार-शॉ ने कहा, ‘‘ मुझे लगता है कि प्रौद्योगिकी इस समय को कम कर सकती है।’’
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