पटना, चार मार्च प्रवासी श्रमिकों पर हमलों के आरोपों की जांच के लिए बिहार से अधिकारियों की चार सदस्यीय एक टीम शनिवार को तमिलनाडु के लिए रवाना हुई।
तमिलनाडु सरकार ने हालांकि राज्य में प्रवासी श्रमिकों पर हमले के आरोपों को खारिज किया है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यहां पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि टीम भेजने का फैसला कुछ दिनों विचार-विमर्श करने के बाद लिया गया।
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने पहली बार परसों समाचार पत्रों में इस मामले के बारे में पढ़ा और यहां के अधिकारियों से तमिलनाडु में अपने समकक्षों से संपर्क करने को कहा। कल उन्होंने (अधिकारियों) कहा था कि बेहतर होगा अगर हम उस राज्य में एक टीम भेज दें ताकि प्राथमिक सूचना हासिल की जा सके। उसी के अनुसार आदेश जारी किए गए।’’
पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, टीम में ग्रामीण विकास सचिव डी. बालमुरुगन, पुलिस महानिरीक्षक, सीआईडी, पी. कन्नन, श्रम आयुक्त आलोक कुमार और विशेष कार्य बल के पुलिस अधीक्षक (एसपी) संतोष कुमार शामिल हैं।
बयान के अनुसार टीम तिरुप्पुर जिले का दौरा करने के अलावा तमिलनाडु के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक और अन्य शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात करेगी।
टीम के दो सदस्य, डी बालमुरुगन और पी. कन्नन, तमिलनाडु से हैं। राज्य सरकार के सूत्रों के अनुसार उन्हें इसलिए चुना गया है ताकि की समस्या का सामना किए बिना ‘‘आंतरिक सूचना’’ प्राप्त की जा सके।
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