नयी दिल्ली, चार जून कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कर्नाटक की पाठ्यपुस्तकों में कथित तौर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विचारों को शामिल किए जाने को लेकर हाल ही में खड़े हुए विवाद की पृष्ठभूमि में शनिवार को कहा कि सामाजिक न्याय को हटाकर बच्चों को भगवाकरण के बारे में पढ़ाया जाना देश की विविधता का अपमान है।
उन्होंने फेसबुक पोस्ट में दावा किया, ‘‘कर्नाटक के लोगों ने हमेशा सामाजिक न्याय, एकजुटता और मानवतावाद के सिद्धांतों का अनुसरण किया है। भाजपा पाठ्यपुस्तकों के माध्यम से डॉक्टर भीमराव आंबेडकर, बुद्ध-बासवन्ना, नारायण गुरू, कुवेम्पु जैसे कई महान व्यक्तियों की जीवन के खिलाफ संदेशों के बारे में बच्चों को पढ़ाने जा रही है। ’’
राहुल गांधी ने कहा, ‘‘कर्नाटक के एक करोड़ बच्चों के भविष्य का फैसला अयोग्य हाथों में सौंपा जा रहा है। सामाजिक न्याय, क्षेत्रवाद और लैंगिक समानता को हटाकर बच्चों को भगवाकरण के बारे में पढ़ाना भारत की विविधता का अपमान है। कन्नड़ लोगों ने कई बार दिखाया है कि जब भी राज्य के आत्मसम्मान पर चोट की जाती है तो हर कोई एकजुट हो जाता है।’’
उन्होंने जोर देकर कहा, ‘‘कांग्रेस बच्चों पर इस तरह के घातक पाठ्यक्रम थोपने नहीं देगी। कांग्रेस पार्टी हमेशा कन्नड़ राज्य, शब्दों और लेखकों की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है।’’
कांग्रेस और उससे जुड़े संगठनों ने कर्नाटक में रोहित चक्रतीर्थ की अध्यक्षता वाली पाठ्यपुस्तक समीक्षा समिति और स्कूली पाठ्यपुस्तकों में कथित तौर पर आरएसएस की विचारधारा को शामिल किए जाने का हाल ही में विरोध किया था।
राहुल गांधी ने एक अन्य फेसबुक पोस्ट में एक खबर का हवाला देते हुए दावा किया, ‘‘सरकार द्वारा अचानक लॉकडाउन की घोषणा के बाद हज़ारों मजदूर पैदल निकले, तो कुछ साइकिल पर।उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में साइकिल पर सवार कई मजदूरों को रोका गया और 5400 साइकिल जब्त कर लीं गयी। अब इन्ही साइकिलों को बेच कर यूपी सरकार ने 21 लाख रूपये कमाए हैं।’’
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘लोगों के दुख-तकलीफ का प्रचार कर पैसे कमाना, इस सरकार की आदत में शुमार है। फिर चाहे वो कोई फिल्म हो या मजदूरों की साइकिल बेचना।’’
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