चेन्नई, पांच जनवरी तमिलनाडु में सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) ने द्रविड़ सत्ता के खिलाफ राज्यपाल आर एन रवि के बयान पर बृहस्पतिवार को आपत्ति जताई और आरोप लगाया कि वह राज्य में भ्रम की स्थिति पैदा करने के लिए विवादास्पद बयान दे रहे हैं।
द्रमुक नेता एवं लोकसभा के सदस्य टी आर बालू ने राज्य में द्रविड शासन के 50 वर्ष पर राज्यपाल द्वारा की गई कड़ी आलोचना के संबंध में मीडिया के एक वर्ग में आई खबरों का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें इस प्रकार की बयानबाजी राज भवन से नहीं बल्कि राज्य भाजपा मुख्यालय कमलायम से करनी चाहिए।
बालू ने एक बयान जारी करके कहा कि राज्यपाल लगातार सनातन, आर्यन और द्रविड अवधारणा पर बात करने के साथ ही तिरुक्कुरल और औपनिवेशिक काल पर अपने विचार रखते हैं जो ‘‘खतरनाक और बकवास’’ हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘ गुटीय राजनीति पर बोल कर उनका इरादा वर्णाश्रम के दिनों में ले जाने का है। वह अब तक गूढ़ तरीके से राजनीति की बात करते थे लेकिन अब उन्होंने खुलेआम, नेताओं की तरह बात करनी शुरू कर दी है।’’
बालू ने आरोप लगाया कि रवि इस प्रकार के बयान ‘‘विभाजन और भ्रम’’ पैदा करने के लिए दे रहे हैं। रवि की कथित टिप्पणियों का जिक्र करते हुए बालू ने कहा, ‘‘ यह निंदनीय है कि वह राज भवन से ऐसे बयान दे रहे हैं, जो कि कमलायम से दिए जाने चाहिए।’’
बुधवार रात राजभवन से जारी एक बयान में कहा गया कि रवि ने एक कार्यक्रम में कहा कि तमिलनाडु देश की आत्मा, विचार और पहचान है और हमें ‘‘राज्य में नकारात्मक रुख वाले झूठ और संघर्ष को मिटाने’’ के लिए इसे बचाए रखना चाहिए।
बयान में उनके हवाले से कहा गया, ‘‘निहित हितों के चलते, सभी वर्गों के लोगों को लाभ पहुंचाने वाली हर चीज को यह दावा करते हुए नकारने की गलत आदत वाली प्रतिगामी राजनीति रही है कि राज्य भारत का हिस्सा नहीं है।’’
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