नयी दिल्ली, 22 जुलाई दिल्ली की एक अदालत ने तबलीगी जमात के कार्यक्रम में शामिल हुए 198 इंडोनेशियाई नागरिकों को बृहस्पतिवार को जुर्माना भरने के बाद रिहा करने का आदेश दिया।
इन सभी विदेशी नागरिकों ने वीजा नियमों का उल्लंघन कर धर्म प्रचार में शामिल होने और कोविड-19 को लेकर दिशा-निर्देशों के उल्लंघन का करने के साधारण आरोपों को स्वीकार करके अदालत से सजा कम करने का अनुरोध किया था।
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विदेशियों की ओर से पेश हुए वकीलों अहमद खान और फहीम खान और आशिमा मंडला ने बताया कि मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट वसुंधरा आजाद ने 100 इंडोनेशियाई नागरिकों को सात-सात हजार रुपये का जुर्माना भरने के बाद रिहा करने का आदेश दिया।
मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट स्वाति शर्मा ने 98 इंडोनेशियाई नागरिकों को 5-5 हजार रुपये जुर्माना भरने के बाद रिहा करने का आदेश दिया।
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अदालत ने इन 98 विदेशी नागरिकों को जुर्माने की राशि पीएम केयर कोष में जमा कराने का निर्देश दिया।
इस मामले के शिकायतकर्ता डिफेंस कॉलोनी के उप संभागीय मजिस्ट्रेट, लाजपत नगर के सहायक पुलिस आयुक्त और निजामुद्दीन थाने के निरीक्षक ने कहा कि उन्हें अदालत के फैसले पर कोई आपत्ति नहीं है।
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