खेल की खबरें | स्विट्जरलैंड के फर्राटा धावक विल्सन डोपिंग मामले में चार साल के लिए प्रतिबंधित

स्विट्जरलैंड के डोपिंग रोधी न्यायाधिकरण ने अपने फैसला में कहा कि उन्होंने जानबूझकर एनाबॉलिक स्टेरॉयड का इस्तेमाल किया था।

 पिछले जुलाई में तोक्यो ओलंपिक के समय यह मामला उठा था जब खेल पंचाट (कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट) के न्यायाधीशों ने विल्सन के अस्थायी निलंबन को हटा दिया था। वह पुरुषों की 100 और 200 मीटर स्पर्धा में प्रतिस्पर्धा करने वाले थे।

विल्सन ने 2018 यूरोपीय चैम्पियनशिप में 200 मीटर स्पर्धा में कांस्य पदक जीता था। 2021 में प्रतियोगिता से बाहर लिये गये उनके नमूने की जांच में ‘स्टेरॉयड ट्रेनबोलोन ’ की पुष्टि हुई थी।

स्विस ओलंपिक समिति ने अपने न्यायाधिकरण के नवीनतम फैसले की घोषणा करते हुए बताया कि विल्सन ने पहले कहा था कि लास वेगास में उसने दूषित मांस का सेवन किया था जिससे यह स्टेरॉयड उनके शरीर में आया। इसके बाद उसे तोक्यो खेलों से पहले प्रतिस्पर्धा करने की अनुमति दी गई थी।

विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा)  और विश्व एथलेटिक्स द्वारा सीएएस के साथ हस्तक्षेप करने के बाद तोक्यो में एक अनुशासनात्मक जांच के दौरान विल्सन के अस्थायी प्रतिबंध को फिर से लागू कर दिया गया था।

स्विस ओलंपिक न्यायाधिकरण ने अब अपने फैसले में कहा कि  31 साल के विल्सन ने जानबूझ कर स्टेरॉयड का इस्तेमाल किया था और उस पर यह प्रतिबंध अप्रैल 2025 तक प्रभावी रहेगा।  वह सीएएस में फैसले के खिलाफ अपील कर सकता है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)