जयपुर, 15 मार्च राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के राजस्थान क्षेत्र के संघचालक डॉ. रमेश चंद्र अग्रवाल ने कहा कि संघ के स्वयंसेवक शाखा क्षेत्र में सामाजिक सर्वेक्षण करेंगे और उसके आधार पर समाज को साथ जोड़ते हुए उनकी समस्याओं का समाधान करेंगे।
अग्रवाल ने हरियाणा में आयोजित आरएसएस की 'अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा' में पारित प्रस्तावों का विवरण साझा करते हुए संवाददाताओं से कहा, ‘‘विश्व की कुछ शक्तियां भारत के 'स्व' आधारित पुनरुत्थान को स्वीकार नहीं कर पा रही हैं। हिंदुत्व के विचार का विरोध करने वाली देश के भीतर और बाहर की अनेक शक्तियां निहित स्वार्थों और भेदों को उभार कर समाज में परस्पर अविश्वास, तंत्र के प्रति अनास्था और अराजकता पैदा करने के लिए षड्यंत्र रच रही हैं।’’
उन्होंने बताया कि भविष्य में संघ सामाजिक परिवर्तन के पांच आयामों सामाजिक समरसता, परिवार प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी आचरण, नागरिक कर्तव्य पर अपने काम को केन्द्रीय करेगा।
संघ के पदाधिकारी ने बताया, ‘‘संघ की 60 प्रतिशत शाखाएं विद्यार्थी शाखाएं हैं। पिछले एक साल में 1,21,137 युवाओं ने संघ का प्राथमिक शिक्षण प्राप्त किया है। आगामी वर्ष की योजना में देशभर में संघ शिक्षण के 109 शिक्षण वर्ग लगेंगे जिसमें लगभग 26 हजार स्वयंसेवकों के शिक्षण प्राप्त करने का अनुमान है।’’
डॉ अग्रवाल ने बताया कि इस साल राजस्थान में 11 संघ शिक्षा वर्ग लगेंगे, इनमें विभिन्न आयु वर्ग के करीब तीन हजार स्वयंसेवक प्रशिक्षण लेंगे।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)










QuickLY