नयी दिल्ली, सात सितंबर असम के राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) में संदेहास्पद नागरिक के रूप में दर्ज करीब 27 लाख लोगों को आधार कार्ड जारी करने के अनुरोध वाली तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा सदस्य सुष्मिता देव की जनहित याचिका पर उच्चतम न्यायालय दो सप्ताह के बाद सुनवाई करेगा।
असम का एनआरसी अगस्त, 2019 में प्रकाशित किया गया।
प्रधान न्यायाधीश उदय उमेश ललित और न्यायमूर्ति एस. रविन्द्र भट की पीठ ने बुधवार को तृणमूल कांग्रेस की सांसद की ओर से उपस्थित अधिवक्ता की दलीलों पर संज्ञान लिया कि इस मुद्दे पर अपील दायर की गई है और अब मामले पर अंतिम सुनवाई का समय आ गया है।
न्यायमूर्ति ललित ने कहा, ‘‘बहुत अच्छे, हम इसको सुनवाई के लिए दो सप्ताह बाद सूचीबद्ध कर रहे हैं।’’
देव की याचिका पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने इस साल 11 अप्रैल को केन्द्र सरकार, असम सरकार, भारत के महापंजीयक और यूआईडीए को नोटिस जारी किया था।
सांसद ने असम के एनआरसी में संदेहास्पद नागरिक के रूप में सूचीबद्ध करीब 27 लाख लोगों को आधार कार्ड जारी करने के संबंध में निर्देश देने का अनुरोध करते हुए जनहित याचिका दायर की है।
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