नयी दिल्ली, 18 जुलाई उच्चतम न्यायालय ने भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के चुनाव पर गौहाटी उच्च न्यायालय की ओर से लगायी गयी रोक हटाते हुए संबंधित चुनाव का मार्ग मंगलवार को प्रशस्त कर दिया।
न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस और न्यायमूर्ति एस. वी. भट्टी की पीठ ने चुनाव प्रक्रिया यथाशीघ्र शुरू करने का निर्देश दिया।
उच्च न्यायालय ने असम कुश्ती संघ (एडब्ल्यूए) की ओर से दायर एक याचिका की सुनवाई करते हुए 25 जून को डब्ल्यूएफआई के चुनावों पर रोक लगा दी थी। एडब्ल्यूए ने संबंधित चुनाव में भाग लेने के अपने अधिकार को लेकर याचिका दायर की थी।
शीर्ष अदालत ने उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्रीय खेल मंत्रालय, भारतीय कुश्ती महासंघ, असम कुश्ती संघ और अन्य को नोटिस जारी किए थे।
याचिकाकर्ता ‘आंध्र प्रदेश एमेच्योर कुश्ती एसोसिएशन’ के वकील ने पीठ को बताया कि एक तीसरा पक्ष उच्च न्यायालय के समक्ष पेश हुआ और मामले पर रोक लगवा दी। उन्होंने कहा कि कुश्ती महासंघ के चुनाव में देरी हो रही है।
पीठ ने इसके बाद नोटिस जारी किए और उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक लगा दी।
शीर्ष अदालत के आज के आदेश पर अपनी प्रतिक्रिया में डब्ल्यूएफआई के कार्यकारी सदस्य एवं आंध्र प्रदेश कुश्ती संघ के अध्यक्ष आर. के. पुरुषोत्तम ने ‘पीटीआई-’ से कहा कि चुनाव प्रक्रिया यथाशीघ्र शुरू की जानी चाहिए।
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