सुलतानपुर (उप्र), 25 सितंबर सुलतानपुर जिले के कोतवाली क्षेत्र में भूमि विवाद में कथित तौर पर एक चिकित्सक की पीट-पीट कर हत्या किये जाने के दो दिन बाद मांग पूरी करने के जिलाधिकारी के लिखित आश्वासन पर उनके परिवार के सदस्यों ने सोमवार को उनका अंतिम संस्कार कर दिया।
इसके पहले रविवार को चिकित्सक के परिवार के सदस्यों ने मौके पर मुख्यमंत्री के आने तक शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया था और फिर छह सूत्रीय मांग रखी थी।
सोमवार को जिलाधिकारी जसजीत कौर द्वारा छह सूत्री मांग पर लिखित आश्वासन देने के बाद शव का अंतिम संस्कार तीर्थ स्थल धोपाप घाट पर सम्पन्न हुआ। इस मौके पर परिजनों को सांत्वना देने भीड़ उमड़ पड़ी।
लम्भुआ कोतवाली के सखौली कला के निवासी डॉ घनश्याम त्रिपाठी जिले के जयसिंहपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत थे। उनके परिजनों का आरोप है कि शाम में दबंग भूमाफिया ने साथियों के साथ मिलकर उनकी निर्मम हत्या कर दी थी।
पोस्टमार्टम के बाद रविवार को शव करीब साढ़े तीन बजे चिकित्सक के पैतृक गांव पहुंचा तो लोगों का आक्रोश उभर कर सामने आ गया। परिजन शव का अंतिम संस्कार न करने पर अड़ गए। पहले तो लोगों की मांग मुख्यमंत्री या उप मुख्यमंत्री को बुलाने की थी पर, बाद में उन्होंने पत्नी को नौकरी, एक करोड़ मुआवजा, जमीन पर कब्जा, आरोपियों की सम्पत्ति पर बुलडोजर चलाया जाना व गिरफ्तारी की तत्काल कार्रवाई पर जोर दिया ।
पीड़ित परिवार के करीबी सूत्रों ने बताया कि चिकित्सक की पत्नी निशा त्रिपाठी के छह सूत्री लिखित मांग पत्र पर जिलाधिकारी ने संस्तुत एवं सहमत लिखकर अपने हस्ताक्षर कर दिए, तब जाकर शव के दाह संस्कार के लिए परिवार के लोग धोपाप घाट पहुंचे। जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में यह सहमति पत्र चिकित्सक के भाई राधेकृष्ण को सौंपा गया।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को जिलाधिकारी से उनके कार्यालय में मिलकर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने एवं आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने की मांग की। जिलाधिकारी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि पीड़ित परिवार की हर तरह से मदद की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक (एसपी) सोमेन बर्मा ने रविवार को संवाददाताओं को बताया था,‘‘ डॉक्टर ने वह जमीन हत्याकांड के मुख्य आरोपी अजय नारायण सिंह से खरीदी थी। आरोपी धन की मांग कर रहे थे और डॉक्टर को जमीन का कब्जा नहीं दे रहे थे।"
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