देश की खबरें | अग्निपथ योजना के खिलाफ दिल्ली में छात्र संगठनों का प्रदर्शन

नयी दिल्ली, 17 जून सैन्य बलों में भर्ती के लिये पेश की गई नयी योजना 'अग्निपथ' के खिलाफ शुक्रवार को दिल्ली में विभिन्न छात्र संगठनों के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए, जिसके चलते कुछ मेट्रो स्टेशनों के द्वार बंद करने पड़े जबकि प्रदर्शनों को लेकर पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी।

दिल्ली पुलिस ने कहा कि इन समूहों को विरोध प्रदर्शन करने की कोई अनुमति नहीं दी गई थी।

देश भर में इस योजना के खिलाफ विरोध बढ़ने के बावजूद, दिल्ली में स्थिति अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण रही। पुलिस ने यातायात प्रबंध करके यह सुनिश्चित किया कि विरोध प्रदर्शन के कारण यात्रियों को आवाजाही में परेशानी न हो।

भारतीय युवा कांग्रेस (आई‍वाईसी) ने दावा किया कि रायसीना रोड स्थित उसके कार्यालय के मुख्य द्वार पर दिल्ली पुलिस ने बिना कोई कारण बताए अवरोधक लगा दिये, जिसके चलते परिसर ''पुलिस छावनी'' में बदल गया।

आईवाईसी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी राहुल राव ने कहा, ''रायसीना रोड पर हमारे पूरे कार्यालय को अवरोधकों से घेर लिया गया। हमें बाहर नहीं जाने दिया जा रहा और जो सदस्य कार्यालय के अंदर आने का प्रयास कर रहे हैं, उन्हें रोककर हिरासत में लिया जा रहा है। अवरोधक लगाने का कोई कारण नहीं बताया गया है।''

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि क्षेत्र में दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू की गई है।

इससे पहले, वामपंथी संगठन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) समेत कई छात्र समूहों के कार्यकर्ताओं ने योजना के खिलाफ प्रदर्शन किया और इसे ''विनाशकारी'' करार दिया।

आइसा ने कहा कि यह योजना सशस्त्र बलों में स्थायी नौकरियों को नष्ट करने के अलावा और कुछ नहीं है।

प्रदर्शनकारियों ने ‘‘अग्निपथ वापस लो, तानाशाही नहीं चलेगी'' के नारे लगाए। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां पकड़ी थीं, जिन पर लिखा था कि 'सेना में सभी रिक्त पदों को स्थायी आधार पर तुरंत भरो' और 'अग्निपथ योजना वापस लो'।

आइसा और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) दोनों ने आरोप लगाया कि उनके कई सदस्यों को ‘निर्दयतापूर्वक हिरासत में लिया गया’।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, ''17-18 लोग आईटीओ में विरोध प्रदर्शन करने के लिए जमा हुए थे। उन्हें हिरासत में लिया गया और तुरंत वहां से हटा दिया गया।''

आइसा के सदस्यों के विरोध प्रदर्शन के चलते कुछ मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद कर दिए गए, जिन्हें बाद में खोल दिया गया।

उत्तर-पूर्वी दिल्ली के खजूरी खास में, पुलिस ने कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान यातायात अवरुद्ध करने और एक बस को नुकसान पहुंचाने के आरोप में मामला दर्ज किया।

संयुक्त रोजगार आंदोलन समिति (एसआरएएस), 'देश की बात फाउंडेशन' और आइसा सहित कई संगठनों ने इस योजना के खिलाफ सोमवार को विरोध प्रदर्शन करने का आह्वान किया है।

छात्र-युवा संघर्ष समिति (सीवाईएसएस), क्रांतिकारी युवा संघ (आरवाईए), एसएफआई और एसवीएस भी विरोध में भाग लेंगे।

थलसेना, नौसेना और ‍वायुसेना में चार वर्ष की अवधि के लिये भर्ती को लेकर पेश की गई नयी योजना अग्निपथ को लेकर बुधवार से कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। योजना में चार साल तक सेवाएं देने के बाद अधिकतर सैनिकों को ग्रेच्युटी और पेंशन लाभ के बिना अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने की बात कही गई है।

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