अधिकारियों ने कहा कि तूफान से जुड़ी घटनाओं में रूस और यूक्रेन में कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई। इसके कारण तटीय इलाकों में बाढ़ आने के साथ पेड़ों के गिरने और बिजली के तार टूटने की घटनाएं दर्ज की गईं।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा कि दक्षिणी यूक्रेन के ओडेसा क्षेत्र में कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई और इंजीनियर उन गांवों में बिजली बहाल करने के लिए काम कर रहे हैं जहां आपूर्ति आपूर्ति ठप हो गई है।
क्रीमिया प्रायद्वीप में मंगलवार सुबह तक लगभग एक लाख लोग बिना बिजली के थे और कुछ लोगों तक पानी की आपूर्ति भी नहीं हो रही है। रूसी गवर्नर ने कहा कि कई क्षेत्रों में अब भी आपातकाल की स्थिति है।
रूस ने 2014 में क्रीमिया पर कब्जा कर लिया था। यूक्रेन के खिलाफ युद्ध के लिहाज से क्रीमिया रूस के लिए एक प्रमुख सैन्य और साजोसामान केंद्र है।
‘इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वॉर’ (आईएसडब्ल्यू) ने कहा कि तूफान से हुए नुकसान ने यूक्रेन में अग्रिम मोर्चे पर सैन्य अभियानों की गति को प्रभावित किया है, लेकिन सैन्य गतिविधि को पूरी तरह से नहीं रोका गया है।
वाशिंगटन स्थित ‘थिंक टैंक’ आईएसडब्ल्यू ने बताया कि तूफान ने रूस को अपने सभी नौसैनिक पोतों और मिसाइल वाहकों को सैन्य अड्डों पर लौटने के लिए मजबूर कर दिया। उसने कहा कि काला सागर में बारूदी सुरंगों के इधर-उधर होने का खतरा बढ़ गया है।
आईएसडब्ल्यू ने कहा कि ऐसी खबरें हैं कि तूफान ने तटीय इलाकों में रेलवे को नुकसान पहुंचाया है, जिसका क्रीमिया और दक्षिणी यूक्रेन में सैन्य साजोसामान एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने की रूसी सेना की क्षमताओं पर असर पड़ सकता है।
रूस की सरकारी समाचार एजेंसी ‘तास’ ने बताया कि क्रीमिया, दक्षिणी रूस और उत्तर-पश्चिमी रूस के कुछ हिस्सों में मंगलवार को 108 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवा चलने का अनुमान लगाया गया है।
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