कमजोर आर्थिक परिदृश्य के बीच शेयर बाजारों ने शुरुआती लाभ गंवाया, सेंसेक्स 310 अंक टूटा
कारोबारियों ने कहा कि कमजोर वैश्विक रुख के अलावा डॉलर के मुकाबले रुपया अपने सर्वकालिक निचले स्तर पर बंद हुआ, जिससे यहां धारणा प्रभावित हुई।
मुंबई, 15 अप्रैल कोविड-19 की वजह से कमजोर आर्थिक परिदृश्य के बीच शेयर बाजारों ने बुधवार को शुरुआती लाभ गंवा दिया। वैश्विक बाजारों में गिरावट के बीच स्थानीय बाजार नुकसान में बंद हुए। एचडीएफसी बैंक, एचडीएफसी, रिलायंस इंडस्ट्रीज और कोटक बैंक जैसे प्रमुख शेयरों में नुकसान से सेंसेक्स 310 अंक टूट गया।
कारोबारियों ने कहा कि कमजोर वैश्विक रुख के अलावा डॉलर के मुकाबले रुपया अपने सर्वकालिक निचले स्तर पर बंद हुआ, जिससे यहां धारणा प्रभावित हुई।
बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स दिन में कारोबार के दौरान 1,346 अंक के दायरे में ऊपर-नीचे होने के बाद अंत में 310.21 अंक या 1.01 प्रतिशत के नुकसान से 30,379.81 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह ऊपर में 31,568.36 और नीचे में 30,222.07 अंक तक गया था।
इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 68.55 अंक या 0.76 प्रतिशत के नुकसान से 8,925.30 अंक पर बंद हुआ।
सेंसेक्स की कंपनियों में कोटक बैंक का शेयर सबसे अधिक 6.23 प्रतिशत टूटा। हीरो मोटोकॉर्प में 4.83 प्रतिशत, बजाज फाइनेंस में 4.63 प्रतिशत, एचडीएफसी में 3.61 प्रतिशत, एचडीएफसी बैंक में 3.57 प्रतिशत और मारुति सुजुकी में 3.55 प्रतिशत का नुकसान रहा।
वहीं दूसरी ओर हिंदुस्तान यूनिलीवर, एचसीएल टेक, आईटीसी और नेस्ले के शेयर 6.07 प्रतिशत तक चढ़ गए।
कारोबारियों ने कहा कि आज बाजार सकारात्मक रुख के साथ खुला। लेकिन बेहद उतार-चढ़ाव भरे कारोबार ने इसने अपना शुरुआती लाभ गंवा दिया। वैश्विक बाजारों के नकारात्मक रुख तथा आर्थिक वृद्धि में भारी गिरावट के अनुमान से यहां धारणा प्रभावित हुई।
अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) ने मंगलार को 2020 के लिए भारत की वृद्धि की वृद्धि दर का अनुमान घटाकर 1.9 प्रतिशत कर दिया है। जनवरी में आईएमएफ ने भारत की वृद्धि दर 5.8 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था। इसके अलावा माना जा रहा है कि 1930 के दशक की महामंदी के बाद वैश्विक अब अर्थव्यवस्था में कोरोना वायरस की मार से सबसे बड़ी गिरावट आ सकती है।
इस बीच, सरकार ने बुधवार को कहा कि ग्रामीण इलाकों में औद्योगिक 20 अप्रैल से कामकाज कर सकेंगी, बशर्ते वे सामाजिक दूरी के नियमों का पालन करें। हालांकि सभी प्रकार के सार्वजनिक परिवहन पर तीन मई तक तक रोक रहेगी।
एमके हेल्थ मैनेजमेंट के शोध प्रमुख जोसफ थॉमस ने कहा, ‘‘बाजार भागीदारों के लिए स्थिति राज्य सरकारों द्वारा लॉकडाउन में सीमित ढील के ब्योरों के बाद अधिक स्पष्ट हो सकेगी। हालांकि, अभी बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहेगा, क्योंकि वृद्धि और मूल्य स्तर को लेकर स्थिति अनिश्चित है।’’
जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘बंद की वजह से लगभग सभी क्षेत्र प्रभावित हुए हैं। बाजार पिछली तिमाही के नतीजों के बजाय भविष्य के वित्तीय आकलन पर अधिक ध्यान देगा। इससे कुछ शेयर विशेष उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।’’
उन्होंने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी की कंपनियों के तिमाही नतीजों की शुरुआत होगगी। ऐसे में निवेशक जानना चाहेंगे कि कोरोना वायरस की वजह से उनकी सेवाएं कितनी प्रभावित हुई हैं।
व्यापक बाजार रुख के उलट बीएसई मिडकैप और स्मॉल कैप में 1.32 प्रतिशत तक का लाभ रहा।
अंतर बैंक विदेशी विनिमय बाजार में बुधवार को रुपया 17 पैसे टूटकर अपने सर्वकालिक निचले स्तर 76.44 प्रति डॉलर (अस्थायी) पर बंद हुआ।
ब्रेंट कच्चा तेल वायदा 4.43 प्रतिशत के नुकसान से 28.29 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
अन्य एशियाई बाजारों में चीन का शंघाई कम्पोजिट, हांगकांग का हैंगसेंग और जापान का निक्की नुकसान में रहे। शुरुआती कारोबार में यूरोपीय बाजार भी नीचे चल रहे थे।
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार बुधवार को देश में कोविड-19 से मरने वालों की संख्या 377 पर पहुंच गई है। वहीं 11,439 लोग इससे संक्रमित हैं। वैश्विक स्तर पर इस महामारी से 1.2 लाख लोगों की जान जा चुकी है। वहीं करीब 19 लाख लोग इससे संक्रमित हैं।
अजय
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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 15, 2020 05:41 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

