देश की खबरें | चिदम्बरम नटराज मंदिर को विभाग के अधीन लाने के लिए कदम उठाए जाएंगे : धर्मादा मंत्री

चेन्नई, 27 जून तमिलनाडु में चिदम्बरम के प्रसिद्ध नटराज मंदिर का प्रबंधन कर रहे पोडू दीक्षितारों (पुरोहितों) पर मंदिर की धनराशि या संपत्ति का सरकार के सामने खुलासा नहीं करने का आरोप लगाते हुए राज्य के हिंदू धर्म एवं धर्मार्थ प्रबंधन (एचआर एंड सीई) मंत्री पी के शेकर बाबू ने मंगलवार को कहा कि इस धर्मस्थल को उनके विभाग के अंतर्गत लाने के प्रयास किये जा रहे हैं।

उनका बयान ऐसे समय में आया है जब कुछ दिनों पहले वार्षिक मंदिर समारोह के मद्देनजर दीक्षितारों द्वारा श्रद्धालुओं को कनागसबाई मेडाई (एक पवित्र मंच) से प्रार्थना नहीं करने देने पर विवाद पैदा हो गया था।

एचआर एंड सीई विभाग के अधिकारी 26 जून को पुलिस के साथ मंदिर पहुंचे और उन्होंने पोडू दीक्षितारों द्वारा लगाया गया वह बोर्ड हटा दिया जिसमें श्रद्धालुओं पर आज चल रहे ‘आनी थिरूमंजनम’ समारोह के समापन तक कनागसाई मेडाई पर जाने पर रोक का निर्देश था।

जब बोर्ड को हटाये जाने के बारे में सेकर बाबू का ध्यान पत्रकारों ने आकृष्ट किया तब उन्होंने कहा, ‘‘ हम न्याय और श्रद्धालुओं की तरफ खड़े हैं। हम धीरे-धीरे सारी रूकावटों को दूर कर लेंगे और अदालत की अनुमति से मंदिर का प्रशासनिक नियंत्रण अपने हाथों में ले लेंगे।’’

करीब एक साल से राज्य सरकार और एचआर एंड सीई विभाग कुड्डालूर जिले के इस मंदिर का नियंत्रण अपने हाथों में लेने की कोशिश कर रहे हैं जिसका प्रबंधन वंश परंपरा के हिसाब से पुरोहितों के पास है। पोडू दीक्षितार समिति के सचिव टी एस शिवरामा दीक्षितार ने कहा, ‘‘ हमने कानूनी ढंग से इसका जवाब दिया है।’’

उनके वकील जी चंद्रशेखरन ने कहा कि बोर्ड बाहर से आ रहे श्रद्धालुओं को सूचित करने और उत्सव के दौरान भीड़भाड़ रोकने के लिए लगाया गया है।

मंत्री ने कहा कि 200 पुरोहितों के समूह ने खुद ही तय कर लिया कि कैसे मंदिर का प्रबंधन करना है और वे खुद ही कानून बन गये हैं। उन्होंने कहा कि पुरोहितों ने सरकार को मंदिर के पास उपलब्ध धनराशि अथवा स्वर्णाभूषणों के भंडार के बारे में सूचना देने से मना कर दिया।

उन्होंने कहा, ‘‘ इन दीक्षितारों ने जो सत्ता केंद्र बनाया है, वहीं से वे काम कर रहे हैं । एचआर एंड सीई द्वारा प्रबंधित अन्य मंदिरों की भांति इस मंदिर में हुंडी या स्टॉक पंजिका नहीं है। मंदिर खातों का ऑडिट भी नहीं किया गया है।’’

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