नयी दिल्ली, एक अक्ट्रबर इस्पात बनाने वाली कंपनियां अपने सर्विस सेंटर, वितरकों और स्टॉक यार्ड के जरिये आपूर्ति किये जाने वाले इस्पात पर शुल्क वापसी का लाभ ले सकती हैं।
शुल्क वापसी के तहत निर्यात किये जाने वाले उत्पादों के लिये आयातित कच्चे माल पर शुल्क वापस किया जाता है।
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विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) की अधिसूचना के अनुसार, ‘‘इस्पात बनाने वाली कंपनियां सर्विस सेंटर, वितरकों, डीलरों और स्टॉक यार्ड के जरिये आपूर्ति किये जाने वाले इस्पात पर भी शुल्क वापसी का लाभ ले सकती हैं। ’’
एक अलग नोटिस में डीजीएफटी ने उड़द के आयात के लिये कोटा आबंटन की प्रक्रिया का ब्योरा दिया।
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इसमें कहा गया है, ‘‘1.5 लाख टन उड़द कोटा का वितरण बराबर-बराबर या जिस मात्रा के लिये आवेदन किया गया, इसमें जो भी कम हो, उसके अनुसार किया जाएगा। यह आबंटन केवल पात्र और सत्यापित आवेदनकर्ताओं के बीच होगा जिन्हें जून 2020 में उड़द आयात का कोटा आबंटित हुआ था।’’
नोटिस के अनुसार पात्र और सत्यापित आवदनकर्ताओं को यह सुनिश्चित करना होगा कि आयातित माल भारतीय बंदरगाहों पर 31 मार्च, 2021 से पहले पहुंच जाए।
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